पुण्य तिथि पर विशेष- शादियों में दो फिल्मी गीत अनिवार्य रूप से बजते है। विदाई के समय मोहम्मद रफी का गाया गीत ‘बाबुल की दुआएं लेती जा’ और बारात के समय मोहम्मद रफी का ही गया गीत... Read more
पुण्य तिथि पर विशेष-शादियों में दो फिल्मी गीत अनिवार्य रूप से बजते है। विदाई के समय मोहम्मद रफी का गाया गीत ‘बाबुल की दुआएं लेती जा’ और बारात के समय मोहम्मद रफी का ही गया गीत... Read more
स्मृति शेष। –शादियों में दो फिल्मी गीत अनिवार्य रूप से बजते है। विदाई के समय मोहम्मद रफी का गाया गीत ‘बाबुल की दुआएं लेती जा’ और बारात के समय मोहम्मद रफी का ही गया गीत... Read more
पुण्य तिथि पर विशेष-शादियों में दो फिल्मी गीत अनिवार्य रूप से बजते है। विदाई के समय मोहम्मद रफी का गाया गीत ‘बाबुल की दुआएं लेती जा’ और बारात के समय मोहम्मद रफी का ही गया गीत... Read more
पुण्य तिथि पर विशेष-शादियों में दो फिल्मी गीत अनिवार्य रूप से बजते है। विदाई के समय मोहम्मद रफी का गाया गीत ‘बाबुल की दुआएं लेती जा’ और बारात के समय मोहम्मद रफी का ही गया गीत... Read more































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