कृष्णकुमार कुन्नथ उर्फ़ केके का जन्म 23 अगस्त, 1968 को केरल में हुआ था। उनके पिता का नाम सी. एस. नायर और माता का कनाकवाल्ली है। हिंदी सिनेमा में एंट्री लेने से पहले ही केके करीबन 35000 ऐड जिंगल्स कर चुके थे। उन्होंने 1999 क्रिकेट विश्व कप के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के समर्थन के लिए ‘जोश ऑफ़ इंडिया’ गाना गाया। इसके बाद उन्होंने ‘पल’ एलबम निकाला जिसे सर्वश्रेष्ठ सोलो एल्बम के लिए स्टार स्क्रीन पुरस्कार मिला। इस एल्बम के दो गाने ‘पल’ और ‘यारों’ काफी लोकप्रिय थे।
केके का पूरा बचपन दिल्ली में बीता। उन्होंने दिल्ली के माउंट सेंट मैरी स्कूल शुरुआती शिक्षा पूरी की। उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय के करोड़ीमल कॉलेज से पूरी की थी।
1991 में उन्होंने अपनी बचपन की दोस्त ज्योति से शादी रचाई। केके एक बहुत ही जिम्मेदार व्यक्ति थे। जब भी उनके पास वक्त होता वो वह अपने परिवार के साथ रहते थे। एक इंटरव्यू के दौरान केके ने कहा था, “मेरा परिवार ही मेरी ताकत है, वो मुझे हर कमजोरी से लड़ने की ताकत देता है।” उनके एक बेटा और बेटी हैं। उनका बेटा नकुल जिसने एल्बम ‘हमसफ़र’ में एक गीत मस्ती गाया है। केके की एक बेटी भी है जिसका नाम तामारा है।
केके कभी भी एक गायक नहीं बनना चाहते थे, उनका बचपन से सपना डॉक्टर बनने का था। केके किशोर कुमार, आर. डी. बर्मन को अपना गुरु मानते थे और उन्हीं को ध्यान में रखकर संगीत को अपना कॅरियर बनाया। कॉलेज के दिनों के दौरान उन्होंने अपने दोस्त के साथ मिलकर एक बैंड किया था। केके को पहला ब्रेक यूटीवी ने दिया था।
केके ने 11 भारतीय भाषाओं में 3,500 से अधिक विज्ञापनों में काम किया। केके लेस्ली लेविस को अपना गुरु मानते थे, क्योंकि, उन्होंने ही केके को पहली बार विज्ञापन में गाने का मौका दिया था। केके ने हिंदी में 250 से भी अधिक गाने गाये एवं तमिल और तेलुगु में 50 से भी अधिक गाने गाये।
विख्यात फिल्म निर्देशक विशाल भारद्वाज ने केके को बॉलीवुड में गाने का पहला मौका दिया। उन्होंने बॉलीवुड में अपना कार्यकाल फ़िल्म ‘माचिस’ के ‘छोड़ आये हम’ से शुरू किया और आगे चलकर कई और लोकप्रिय गाने गाये। उन्हें अपना पहला सोलो गाना भी विशाल भारद्वाज ने ही दिया। पर यह ‘हम दिल दे चुके सनम’ के ‘तड़प तड़प के’ में उनका भावपूर्ण गायन ही था जिससे उन्हें प्रसिद्धि मिली।
साल 1999 में सोनी म्यूजिक लॉन्च हुआ तो वे एक नए गायक को लॉन्च करना चाहते थे। इस काम के लिए केके को चयनित किया गया। उस दौरान उन्होंने ‘पल’ नामक एक सोलो एल्बम निकाला जिसके संगीत निर्देशक लेस्ली लेविस थे। उनका दूसरा एल्बम ‘हमसफ़र’ 24 जनवरी 2008 को रिलीज किया गया। केके सिंगिंग बेस्ड शो फेम गुरुकुल में बतौर जज नज़र आ चुके थे। वह इसके बाद दोबारा छोटे शो में नज़र नहीं आये। उनका कहना था कि यह माध्यम उन्हें प्रतिबंधित रखता है।
पल, तड़प-तड़प के इस दिल से, सच कह रहा है दीवाना, आवारापन बंजारापन, आशाएं, तू ही मेरी शब है, क्या मुझे प्यार है, लबों को, जरा सा, खुदा जानें, दिल इबादत, है जूनून, जिंदगी दो पल की, मै क्या हूँ, हां तू है, अभी-अभी, तुझे सोचता हूँ, इंडिया वाले, तो जो मिला।
केके की मृत्यु 21 मई, 2022 को कोलकाता,में हुई। एक कॉलेज द्वारा दक्षिण कोलकाता स्थित नजरुल मंच में एक समारोह का आयोजन किया गया था। जहाँ करीब एक घंटे तक गाने के बाद ला अस्वस्थ हो गए और उनका निधन हो गया।






