उनके लिए डांस उतना ही जरूरी था जितना की जिंदा रहने के लिए खाना, पीना और सांस लेना। मधुमती ( हुटोक्सी रिपोर्टर) का जन्म 30 मई 1941 को बम्बई अब  मुंबई के  पारसी परिवार में हुआ था। उनके पिता जज थे।
मधुमती को बचपन से ही डांस का शौक था और इसी के चलते पढ़ाई- लिखाई में उनका मन नहीं लगता था, लेकिन उन्होंने 10वीं तक अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके साथ- साथ वो डांस भी सीखती रहीं। वो भारतनाट्यम, कथक, मनिपुरी और कथकली के अलावा फिल्मी डांस भी करती थीं।
मधुमती के पिता ने उन्हें फिल्मों में यह कहकर काम करने की इजाजत दी कि वो केवल डांस से जुड़े ऑफर को ही स्वीकार करेंगी और एक्टिंग के ऑफर से दूर रहेंगी। इसके बाद उन्होंने कई बड़ी व सुपरहिट फिल्मों में काम किया।मधुमती स्कूल में डांस भी सिखाती थीं और बाद में उन्होंने महिलाओं के साथ डांस ग्रुप बनाया। डांस के साथ- साथ उन्होंने अपना एक्टिंग स्कूल भी शुरू कर लिया।
उन दिनों मनोहर दीपक भी जाना पहचाना नाम बन गए थे और उन्होंने मधुमती को अपने साथ काम करने के लिए कहा। शुरुआत में तो उन्होंने इसके लिए मना कर दिया लेकिन बाद में दोनों साथ काम करने लगे। सुनील दत्त और उनकी पत्नी नरगिस मधुमती के बहुत करीबी थे और उन्हें पसंद करते थे। इसकी वजह थी कि मधुमती सुनील दत्त को राखी बांधती थीं।
मधुमती की तुलना हेलेन से होती थी। इस बारे में मधुमती ने कहा था, ‘हम दोनों दोस्त थे लेकिन हेलेन जी सीनियर थी। हां, फिल्म फ्रेटरनिटी को हम दोनों के लुक्स एक जैसे लगते थे और कुछ लोग हमेशा हमारी तुलना करते रहते थे लेकिन हम कभी इससे परेशान नहीं हुए। मैंने हेलेन जी के साथ कुछ गानों में काम भी किया जिसमें फिल्म ये रात फिर ना आएगी का गाना हुजूर ए आला शामिल है। मधुमती ने मनोहर दीपक से 19 साल की उम्र में शादी कर ली थी।
मनोहर दीपक की पहली पत्नी का निधन हो गया था,और वे 4 बच्चे छोड़ गयी थीं। मधुमती ने मनोहर दीपक से शादी के बाद फैसला किया की वे कभी माँ नहीं बनेंगी,इन 4 बच्चों को ही माँ रहेंगी।
किसी मिसाल कम ही मिलती है। इन 4 बच्चों ने भी कभी इस बात का अहसास नहीं होने दिया की वे मधुमती से नहीं जन्मे हैं। मनोहर दीपक का निधन
2002 में हुआ था।

25 साल तक मधुमती और मनोहर दीपक ने हिंदी व पंजाबी फिल्मों में काम किया। मधुमती की आखिरी फिल्म का नाम है अमर अकबर एंथनी। इसके बाद उन्होंने फिल्मों में काम करना बंद कर दिया और अपना डांस स्कूल शुरू कर दिया।मधुमति का निधन 15 अक्टूबर को मुम्बई में निधन हो गया है। 

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