प्रवासी भारतीय दिवस भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 9 जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से स्वदेश वापस आये थे। इस दिवस को मनाने की शुरुआत 2003 से हुई थी। प्रवासी भारतीय दिवस मनाने की संकल्पना लक्ष्मीमल सिंघवी अब स्वर्गीय की थी।
पहला प्रवासी भारतीय दिवस 8 -9 जनवरी 2003 को नयी दिल्ली में आयोजित हुआ था।
- अप्रवासी भारतीयों की भारत के प्रति सोच, उनकी भावनाओं की अभिव्यक्ति के साथ ही उनकी अपने देशवासियों के साथ सकारात्मक बातचीत के लिए एक मंच उपलब्ध कराना।
- भारतवासियों को अप्रवासी बंधुओं की उपलब्धियों के बारे में बताना तथा अप्रवासियों को देशवासियों की उनसे अपेक्षाओं से अवगत कराना।
- विश्व के 110 देशों में अप्रवासी भारतीयों का एक नेटवर्क बनाना।
- भारत का दूसरे देशों से बनने वाले मधुर संबंध में अप्रवासियों की भूमिका के बारे में आम लोगों को बताना।
- भारत की युवा पीढ़ी को अप्रवासी भाईयों से जोड़ना।
- भारतीय श्रमजीवियों को विदेश में किस तरह की कठिनाइयों का सामना करना होता है, के बारे में विचार-विमर्श करना।






