लखनऊ।एजेंसी।  3 जून, 2018 को, पहला आधिकारिक विश्व साइकिल दिवस मनाया गया था। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने नई दिल्ली में एक मेगा साइकलिंग कार्यक्रम ध्वजांकित किया था । नई दिल्ली दुनिया के तीन शहरों में से एक है जहां इस दिन को चिह्नित करने के लिए प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किया था। बर्लिन और न्यूयॉर्क अन्य दो स्थान थे।
परिवहन और फुर्सत के लिए साइकिल का उपयोग करने के कई सामाजिक लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए दिन मनाया जाता है. यह दिन इस साल पहली बार मनाया गया है, जो 12 अप्रैल 2018 को आधिकारिक संयुक्त राष्ट्र दिवस के रूप में अनुमोदित किया गया था।2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 3 जून को विश्व साइकिल दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की थी। विश्व साइकिल दिवस मनाये जाने के लिए अमेरिका के मोंटगोमेरी कॉलेज के प्रोफेसर लेस्ज़ेक सिबिल्सकी और उनकी सोशियोलॉजी की कक्षा ने याचिका की थी। बाद में प्रोफेसर सिबिल्सकी तथा उनकी कक्षा ने सोशल मीडिया के द्वारा इसका काफी प्रचार किया और 3 जून को विश्व साइकिल दिवस के रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया। इस अभियान को तुर्कमेनिस्तान समेत 56 देशों का सहयोग प्राप्त हुआ। साइकिल परिवहन का स्वच्छ तथा सस्ता माध्यम है, इससे किसी भी किस्म का पर्यावरण प्रदूषण नहीं होगा और यह फिटनेस की दृष्टि से भी उपयोगी है। इससे देशों को कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में सहायता मिलेगी। एम्स्टर्डम (नीदरलैंड की राजधानी) में 40% लोग काम पर जाने के लिए साइकिल का उपयोग करते हैं, यह संख्या विश्व में सर्वाधिक है।स्रोत-दि यूनाइटेड नेशन

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