यदि माँ और बड़ी बहन मशहूर अभिनेत्री हैं, तो जान लीजिए कि बेटी और छोटी बहन को उतनी सफलता नहीं मिलने वाली है। यदि किसी माँ की बेटी पापुलर स्टार हो जाए, तो मान लीजिए कि बेटी के नाम से माँ पहचानी जाएगी। फिल्मी दुनिया में ऐसा होता है, और हुआ भी है अभिनेत्री तनूजा के साथ। माँ शोभना समर्थ और दीदी नूतन की छोटी बहन और काजोल की माँ तनूजा एक प्रतिभाशाली अभिनेत्री होते हुए भी पीछे धकेल दी गई। आज वे काजोल-तनीषा की माताश्री और अजय देवगन की सास के रूप में हमारे बीच मौजूद हैं। अपनी प्रतिभा को संवारने या निखारने के लिए तनूजा भी एक हद तक दोषी रही हैं। बचपन में उसे माँ तथा दीदी का इतना अधिक लाड़-प्यार मिला कि पचास के दशक में वे टॉम बॉय घोषित कर दी गई। पार्टियों में वे खुले कपड़े पहनते थीं। सिगरेट और शराब खुलेआम पीती थीं। चेहरे पर नकाब या मुखौटा लगाकर समाज में जाना उन्हें जरा भी पसंद नहीं है।

तनूजा का जन्म 23 सितम्बर 1943  को बम्बई में हुआ था। पचास के दशक में हिन्दी फिल्म की नायिकाओं के लिए पति को परमेश्वर और घर को स्वर्ग बनाए रखने के रोल मिला करते थे। ऐसे में कोई निर्माता भला तनूजा को क्यों कर साइन करने लगा? उनकी पहली फिल्म छबीली 1960 आई, जो माँ शोभना ने प्रोड्यूस की थी। इसके बाद केदार शर्मा ने अपने बेटे अशोक को लांच करने के लिए हमारी याद आएगी फिल्म बनाई। स्वाभाविक था पूरी फिल्म में अशोक पर कैमरा मेहरबान था। तनूजा को कम फुटेज मिला।  तनूजा में उस दौर की नायिकाओं से होड़ लेने की कोई इच्छा शक्ति भी नहीं थी, लेकिन अपने खिलंदड़ स्वभाव और आदतों की वजह से गीताबाली की नटखट परम्पराओं को उन्होंने जीवित रखा। दीदी नूतन को बड़े बैनर, बड़े डायरेक्टर के निर्देशन में लगातार फिल्में मिलती गईं। तनूजा के नसीब में यह सब कुछ नहीं था।इसके बावजूद उन्होंने कुछ उम्दा फिल्मों में उम्दा भूमिकाएँ कर अपनी प्रतिभा को दर्शाया है।  देव आनंद की फिल्म ज्वेलथीफ  में वैजयंती माला हीरोइन हैं, लेकिन तनूजा पर फिल्माया गाना ‘रात अकेली है को उन्होंने अपने बलबूते पर लोकप्रिय बनाया। इसी तरह बच्चों तथा बड़ों दोनों प्रकार के दर्शकों में लोकप्रिय फिल्म हाथी मेरे साथी में तनूजा के हीरो राजेश खन्ना थे। इस फिल्म में तनूजा का यादगार रोल है। बिमल राय जैसे निर्देशक ने नूतन को लेकर बंदिनी और सुजाता जैसी नायिका प्रधान कालजयी फिल्में बनाईं। इसी प्रोडक्शन की हास्य फिल्म दो दूनी चार तनूजा के हिस्से में आई। शेक्सपीयर के नाटक ‘कॉमेडी ऑफ एरर्स पर यह फिल्म आधारित थी। बसु भट्टाचार्य द्वारा निर्देशित अनुभव में तनूजा ने एक पत्र के सम्पादक की उपेक्षित पत्नी का रोल संजीदगी से निभाया था। पति-पत्नी के रिश्तों पर बासु  भट्टाचार्य की अनुभव पहली फिल्म थी।

सफलता को अपने नजदीक न आते देख तनूजा ने सेकंड लीड वाले रोल स्वीकारना शुरू कर दिए। राज कपूर की फिल्म प्रेम रोग में वे ऐसे ही रोल में हैं। बलराज साहनी के बेटे परीक्षित साहनी की पहली फिल्म ‘पवित्र पापी में तनूजा का अविस्मरणीय अभिनय रहा है। यह तनूजा का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि जब-जब उन्हें अच्छे बैनर या डायरेक्टर की फिल्में मिलीं, कोई न कोई दुर्घटना घटित हो गई। गुरुदत्त ने बहारें फिर भी आएँगी में तनूजा को लिया तो उनकी आसमयिक मौत हो गई। जैसे -तैसे भाई आत्मराम ने फिल्म पूरी की मगर वह मार खा गई।

तनूजा की एक दिक्कत यह भी रही कि हमेशा उनके अभिनय की तुलना दीदी नूतन से की जाती रही। एक अच्छी संभावनाओं वाली तारिका होते हुए भी तनूजा पहली पंक्ति में कभी नहीं आ सकी। बीच में पति शोमू मुखर्जी से हुआ अलगाव भी उन्हें गुमनामी के अंधेरे में ले गया। आज काजोल जैसी सफल नायिका की माँ होने उनके लिए गर्व की बात है। काजोल के चुलबुले शोखी भरे अभिनय में हमें तनूजा की मस्ती भरी अदाओं की झलक मिलती है।इसके बाद वे भाभी, मौसी या माँ के रोल करने लगी। कुछ धारावाहिकों में भी अभिनय किया। जब बिटिया काजोल बड़ी हो गई, तो उनका करियर सँवारने में वे परदे के पीछे चली गईं। कुछ बंगला फिल्में और एन ऑगस्ट रेक्विम नामक अँग्रेजी फिल्म भी तनूजा की फिल्मोग्राफी में शामिल हैं।

हवाई दादा 2011 टूनपुर का सुपरहीरो 2010 हाल-ए-दिल 2008 दीवार 2004 खाकी 2004 भूत 2003 रूल्स – प्यार का सुपरहिट फॉर्मूला 2003 साथिया 2002भाई नं. 12000 सफारी 1999 मैं सोलह बरस की  स्वामी विवेकानन्द 1998मुकदमा 1996 आतिश आजा सनम 1994इज्जत की रोटी अंतिम न्याय 1993 दीदार बेखुदी गजब तमाशा अभी अभी आई लव यू 1992 प्यार भरा दिल जवाहर 1991शानदार 1990ताकतवर  पराया घर रखवाला गवाही घराना मेरी जुबान 1989अग्नि पाप को जला कर राख कर दूंगा मेरा मुकद्दर 1988 दिलजला इतिहास मां बेटी घर का सुख मेरा सुहाग 1987अनोखा रिश्ता नसीहत लव 86 जाल सुहागन अधिकार एक और सिकंदर एक मैं और एक तू 1986लवर बॉय जबरदस्त घर द्वार 1985यादगार सोहनी महिवाल माटी मांगे खून बॉक्सर पेट प्यार और पाप नादानियां कुंवारी बहू 1984 एक जान है हम लवर्स प्यास मासूम 1983 कामचोर जॉनी आई लव यू निकाह प्रेम रोगखुद्दार रूस्तमबहू हो तो ऐसी याराना कमांडर 1981बंदिश 1980लाल कोठी 1978आजा सनम 1975 अमीर गरीब हमराही इंसाफ हम शकल इम्तिहान 1974नन्हा शिकारी रॉकी मेरा नाम 1973मेरे जीवन साथी एक बार मुस्कुरा दो मोम की गुडिय़ाअनुभव दो चोर 1972प्यार की कहानी एक थी रीटा पुरानी पहचान प्रीत की डोरी दूर का राही एक पहेली हाथी मेरे साथी 1971दो दूनी चार प्रिया पवित्र पापी गुस्ताखी माफ  बचपन 1970पैसा या प्यार  एक मासूम जियो और जीने दो जीने की राह सपनों का सौदागर 1969इज्जत जुआरी 1968 वतन के लोग नई रोशनी ज्वेल थीफ 1967 नई उमर की नई फसल सन्नाटा बहारें फिर भी आएंगी दादी मां 1966 चांद और सूरज 1965 बेनजीर 1964आज और कल 1963 हमारी याद आएगी 1962 मेम दीदी 1960 छबीली 1960

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