इलाहाबाद: इलाहबाद में रविवार रात बहिजन समाज पार्टी के नेता मोहम्मद शमी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद हमलावर फरार हो गए। उधर ख़बर  फ़ैलते ही शमी के समर्थकों ने इलाहाबाद-प्रतापगढ़ हाईवे जाम कर दिया और पुलिस के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करने लगे। शमी सपा के टिकट पर बाहुबली विधायक राजा भैया के खिलाफ चुनाव लड़ चुके थे। फिलहाल हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की बात कही जा रही है। 

ये घटना इलाहाबाद के मऊआइमा थाना इलाके में हुई है। नेता के एक करीबी ने बताया कि मूल रूप से दुबाही गांव के रहने वाले 60 साल के शमी मऊआइमा थाने से 100 मीटर दूर सुल्तानपुर खास में परिवार के साथ रहते थे। वह तीन बार मऊआइमा के ब्लाक चीफ रहे। एसपी छोड़कर बीएसपी में आए शमी इस बार के विधानसभा चुनाव में बीजेपी समर्थक उम्मीदवार सुजीत कुमार मौर्य से सिर्फ 4 वोटों से हारे थे।

परिवार वालों ने बताया कि रात करीब 9.15 बजे शमी अपनी कार पार्क करके घर का गेट खोल रहे थे, तभी वहां पहले से मौजूद बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग  कर फरार हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर परिवार वाले और पड़ोसी बाहर निकले तो शमी खून से लथपथ पड़े थे।शमी के सिर और पेट पर 5 गोलियां मारी गईं हैं। 

घटना के विरोध में शमी के समर्थकों ने उनकी बॉडी इलाहाबाद-प्रतापगढ़ हाईवे पर रखकर रोड ब्लॉक कर दिया। बाद में समझाइश के बाद तड़के करीब 2:30 बजे वो रोड से हटने को तैयार हुए। घटना में 2 से 3 हमलावरों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। 

मो. शमी के बेटे इम्तियाज अहमद की शिकायत पर बीजेपी के मऊआइमा ब्लाक चीफ सुधीर मौर्य, अभिषेक यादव, जाबिर अली और एक अज्ञात शख्स के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।

बताया जाता है कि मो. शमी पर हत्या, लूट, डकैती, मारपीट, धमकी समेत करीब 20 से ज्यादा क्रिमिनल केस दर्ज थे। वह जेल भी जा चुके थे, लेकिन इलाके में उनकी काफी पकड़ थी।

मो. शमी प्रतापगढ़ के कुंडा विधानसभा से रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ 2002 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके थे। उस वक्त राजा भैया निर्दलीय चुनाव लड़े थे और उन्हें बीजेपी ने सपोर्ट किया था। इसके अलावा सोरांव विधानसभा से वो कांग्रेस और युवा मंच से भी दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके थे। लेकिन तीनों बार उन्हें जीत हासिल नहीं हुई थी।

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