प्रदेश के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं एवं चिकित्सकों की भारी कमी के चलते हो रहीं लगातार मौतों का सिलसिला रोकने के बजाय टेलीमेडिसिन के नाम पर एक बार फिर उ0प्र0 की योगी सरकार आम जनता विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में दूर-दराज गांवों में निवास करने वाले गरीबों की बड़े पैमाने पर जान लेने की तैयारी कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं प्रवक्ता ओंकारनाथ सिंह ने  यहां जारी बयान में कहा कि जिस प्रकार प्रदेश में चाहे वाराणसी हो, गोरखपुर हो, फर्रूखाबाद हो, बहराइच हो, सरकारी अस्पतालों में आक्सीजन एवं अन्य आवश्यक चिकित्सीय सुविधाओं के अभाव में जहां हजारों मौतें हो चुकी हैं और प्रदेश सरकार लगातार अपने मंत्रियों एवं अधिकारियों को बचाने में जुटी हुई है और मौतों पर लीपापेाती कर रही है वहीं दूसरी तरफ टेलीमेडिसिन का शिगूफा छोड़कर आम जनता को गुमराह कर रही है।
प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टेलीमेडिसिन की बात करते हैं पहले उन्हें यह बताना चाहिए कि जब शहर के अस्पतालों में दवाएं उपलब्ध नहीं हैं तो गांवों में जहां दवाओं की दुकानें तक उपलब्ध नहीं है इस टेलीमेडिसिन से क्या लाभ होगा? यहां यह भी उल्लेखनीय है कि एम0सी0आई0 का स्पष्ट निर्देश है कि बिना शारीरिक परीक्षण किये नियमानुसार कोई भी चिकित्सक दवा लिखने का हकदार नहीं है ऐसे में सिर्फ लक्षण जानकर यदि टेलीफोन द्वारा कोई मेडिसिन डाक्टर बताते हैं तो एक ओर जहां गांवों में दवा की दुकाने नहीं है अगर दवा कहीं से मिल भी जाती है और उसका विपरीत असर मरीज पर पड़ता है और मरीज की मौत हो जाय तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
श्री सिंह ने कहा कि  राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू से तमाम मौतें हो रही हैं। डेंगू से भारी संख्या में मौतें हो रही हैं। पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में हजारों की संख्या में जान गंवाने वाली जनता को मच्छरजनित बीमारियों से बचाने में पूरी तरह नाकाम प्रदेश की योगी सरकार के मंत्री सिर्फ बड़े-बड़े दावे और जुमलेबाजी करके प्रदेश की भोलीभाली जनता को गुमराह कर रहे हैं।

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