धूमल का वीरभद्र पर तंज
हमीरपुर। पूर्व मुख्यमंत्री र्पेम कुमार धूमल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र पर तंज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री चाहते हैं कि वह दुनिया भर के गुनाह करते रहें और उनकी सरकार को बचाया रखा जाए। यह बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि कोई भी समझदार सरकार कुकृत्य अपने कार्यकाल में नहीं होने देगी जैसे कांग्रेस सरकार के समय हो रहे हैं। ऐसी सरकार को बर्खास्त करना जरूरी है।
श्री धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री अगर देवभूमि को ड्रग भूमि न बनाते, महिलाओं के साथ दुव्र्यवहार न होता, बच्चियों के साथ दुष्कर्म आदि घटनाएं न होती तो कौन मांग करता सरकार को बर्खास्त करने की। विपक्ष के इस्तीफे की मांग को फिजूल बताने वाली बयानबाजी कर मुख्यमंत्री लोगों के जख्मों पर नमक लगाने का काम कर रहे हैं। क्या मुख्यमंत्री ने संपत्ति उन्हें पूछकर बनाई थी। ईडी की कार्रवाई सारे देश में हो रही है, जहां किसी ने भ्रष्टाचार से संपत्ति बनाई है उसे जब्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रॉपर्टी वीरभद्र सिंह के नाम होती है और उसमें षड्यंत्र उनका होता है? दूसरों का नाम लेना सीएम का पुराना स्टाइल हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा है कि जब छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या होती है तब आपकी पुलिस निष्क्रिय है। यह वही पुलिस है जिसके आइजी लेवल का अधिकारी सीबीआइ की गिरफ्त में है। (हिफी)
दशहरा पर भी ममता की रुखाई
कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि दशहरा के दिन पश्चिम बंगाल में किसी को भी हथियार के साथ जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस र्पशासन को इस पर सख्त निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
राज्य सचिवालय में प्रशासनिक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को साफ कहा कि शस्त्र जुलूस निकालने की अनुमति किसी भी हाल में नही दें। अगर इसके बाद भी ऐसा कोई शस्त्र जुलूस निकालता है तो सख्त कार्रवाई करें। ममता ने प्रशासनिक बैठक में मौजूद पुलिस व प्रशासन के सभी आला अधिकारियों से कहा कि दशहरा के अगले ही दिन मुहर्रम है। ऐसे में पुलिस को सतर्क रहना होगा कि कहीं किसी तरह की कोई अर्पिय घटना न हो। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने रामनवमी व हनुमान जंयती के मौके पर राज्यभर में शस्त्र जुलूस निकाला था। इसमें भाजपा नेता भी शामिल हुए थे। इसके बाद राज्य की राजनीति गरमा गई थी। कुछ स्थानों पर पुलिस कार्रवाई भी हुई थी। यहां तक कि शस्त्र जुलूस निकालने को लेकर र्पदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष समेत कई लोगों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। इस बार दशहरा के मौके पर संघ व अन्य हिंदू संगठनों द्वारा शस्त्र पूजा करने की योजना बनाई गई है। (हिफी)
एमपी में कांग्रेस तलाश रही चेहरा
भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव सिर पर आ गये हैं और कांग्रेस वहां कमलनाथ और ज्योतिरादित्य के बीच जिताऊ चेहरा तलाश कर रही हैं। कांग्रेस र्पदेश में लगातार तीन विधानसभा चुनाव हार चुकी है और चौथी बार 2018 में होने वाले चुनावों की तैयारी में भी भाजपा से काफी पिछड़ी हुई है। भाजपा ने वन बूथ फाइव यूथ पर काम करते हुए कमेटियां बना ली हैं। इन समितियों के गठन के बाद जनप्रतिनिधियों को टारगेट दे दिया है कि मतदान केंद्रों के प्रभावी लोगों की सूची तैयार कर उनमें से अच्छे नामों को चयनित करें। उधर, कांग्रेस दावा तो कर रही है मतदान केंद्रों की कमेटियों का गठन हो चुका है, लेकिन वास्तविकता यह है कि अभी भी 30 से 40 फीसदी मतदान केंद्रों पर कमेटियां बनी ही नहीं हैं। भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे शहरों में कमेटियों के गठन का काम बेहद खराब स्थिति में है।
विधानसभा चुनाव 2018 में कोई चेहरा सामने लाने और चुनाव के पहले नेतृत्व परिवर्तन को लेकर दिग्गज नेता सांसद कमलनाथ व ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों द्वारा जो बातें कहीं जा रही थीं, उन पर कुछ समय से विराम लग
गया है। (हिफी)

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