स्वपनिल संसार। लखनऊ की क्राइम ब्रांच और कैसरबाग पुलिस ने फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर 4 जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा अब तक कई लोगो से मोटी रकम लेकर नकली मार्कशीट देने की बात भी क़ुबूल की गई है।
पीड़ितों की शिकायत पर लखनऊ पुलिस ने फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी। जाँच के बाद कड़ी से कड़ी जोड़ने के बाद आखिरकार नकली मार्कशीट बनाने वाले आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आरोपियो को पकड़ने में लखनऊ की क्राइम ब्रांच और कैसरबाग कोतवाली की संयुक्त पुलिस टीम ने बराबर की भूमिका निभाई है। पुलिस के मुताबिक नकली मार्कशीट बनाने के लिए संस्थानों की बेबसाइटों को इस्तेमाल किया जाता था।
जाँच में यह भी साफ हुआ है कि गैंग का मुख्य सरगना मनीश प्रताप सिंह राजस्थान की बाडमेर जेल में बंद है। उसका बेटा और भतीजा वर्तमान में इस गिरोह को संचालित कर रहा है लेकिन हैरानी वाली बात यह है कि दोनों ही आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े है। एसएसपी लखनऊ ने बताया कि आरोपियों द्वारा किसी भी तरह की शैक्षिक मार्कशीट को मोटी रकम लेकर बनाया जाता है। आरोपियों के पास से सैकड़ो की संख्या में नकली मार्कशीट के साथ ही विभिन्न संस्थानों की फर्जी मुहर भी बरामद की है। मथुरा निवासी अमित सिसोदिया, बिहार के रहने वाले शाही अहमद, हरदोई निवासी विकास श्रीवास्तव और लखनऊ के हुसैनगन के रहने वाले खालिद कादरी के रूप में हुई है।
बाइट — दीपक कुमार ( एसएसपी लखनऊ )

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