Image result for एरोबिक्स यानी डांस

स्वस्थ और सुंदर दिखने के नुस्खे दादी मां के पिटारे से लेकर आधुनिक साजो-सामान में बिखरे पड़े हैं। प्रत्येक समय, काल में सुंदरता का पैमाना भी परिवर्तित हुआ है। जहाँ प्राचीन समय में गहनों से लकदक, लहराती केश राशि से सुसज्जित, सजीली-लजीली सुंदरियों का वर्चस्व था तो आज टाईट जींसधारी, लंबी, दुबली, छरहरी काया सुंदरता के मानदंड में शामिल है। प्रत्येक स्त्री अपनी सुंदरता के प्रति सजग है। अधिक चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए डाइटिंग, योग, व्यायाम या एरोबिक्स का सहारा लेती है। बढ़ते हुए वजन या थुलथुल शरीर से चिंताग्रस्त, सदैव उदास और थका हुआ महसूस करने वाली स्त्रियां तथा जो अपनी व्यस्तता के कारण व्यायाम नहीं कर पाती या बेडौल काया के कारण योग क्लास, हेल्थ क्लब जाने में संकोच करने वाली स्त्रियों के लिए एरोबिक्स वरदान साबित हुआ है।
एरोबिक्स यानी संगीत की धुन पर किए जाने वाले व्यायाम। एरोबिक्स करने के लिए कोई विशेष साजो-सामान की जरूरत नहीं होती। बस पर्याप्त स्थान हो, इस हेतु आप कमरे से फर्नीचर हटाकर स्थान बना सकती है। पॉप, रॉक, जाज संगीत का कोई कैसेट या कर्णप्रिय धुन तथा तेज लय वाला कोई भी कैसेट लेकर उसी आधार पर नृत्य करें। कैसेट लेते समय इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि व्यायाम के समय जिन अंगों को रिद्म पर थिरकन देना है उसके लिए सही रिद्म और संगीत उस कैसेट में अवश्य हो।
इन धुनों पर जॉगिंग, रनिंग, साइकिलिंग, तैराकी, जैसी गति में थिरकन की जाती है। इस हेतु जेनफौंडा द्वारा तैयार किए गए लयात्मक योग व्यायाम की कैसेट बाजार में उपलब्ध है। भारतीय सिने अभिनेत्री रेखा ने भी एरोबिक्स पर एक ऑडियो कैसेट माइंड एंड बॉडी तैयार किया है। इसमें योग और व्यायाम को लेकर एरोबिक्स के लिए धुन तैयार की है। अनीता राज, शिल्पा शेट्टी ने भी वीडियो कैसेट तैयार किए हैं।
एरोबिक्स व्यायाम अकेले भी किए जा सकते हैं और समूह के साथ भी। समूह के साथ करने का अलग ही मजा है। सप्ताह में तीन-चार बार या समय उपलब्ध होने पर प्रतिदिन भी व्यायाम किया जा सकता है। वैसे भी अपेक्षाकृत इसमें बहुत ही कम समय लगता है। लगभग दस से बीस मिनट लगते हैं।
एरोबिक्स करने वाले लोगों का कहना है कि वे इस अनूठे नृत्य व्यायाम से तन-मन की प्रसन्नता महसूस करते हैं और शरीर पर जमी अनावश्यक चर्बी गायब हो जाती है। इन्हें करने के लिए कोई शिक्षक हो यह आवश्यक नहीं। एरोबिक्स के बारे में संगीत के रसिक तथा उद्योगपति का मानना है कि इस व्यायाम से उनमें अधिक चुस्ती-फुर्ती आती है और वे अधिक हल्का महसूस करते हैं। संगीत की सुमधुर आवाज तनाव, चिंता दूर करने में सहायक है। एरोबिक्स निश्चय ही जीवन में अनोखा बदलाव लाता है।
होटलों, हेल्थ क्लबों, ब्यूटी पार्लर्स, यहां तक की कई लोगों ने निजी कक्षाएँ भी खोल ली हैं, जहां 100 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक फीस वसूली जाती है। आप अपने स्टैंडर्ड के अनुसार इन कक्षाओं में शामिल हो सकते हैं या घर में ही मुफ्त में इसका आनंद उठा सकते हैं। किंतु यदि आप किसी तरह के हृदय रोग या अन्य रोग के शिकार हों तो एरोबिक्स करने से पूर्व डॉक्टर से अवश्य परामर्श लें।

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