स्वपनिल संसार। लखनऊ। अदीब वॉल्टर।

मंगलवार की सुबह इमामबाड़े नाज़िम साहब से उठा चुप ताज़िया का जुलुस जो की इमामबाड़े से काज़मैन रोज़ा तक गया।
पिछले 150 सालो से 08 रबी उल अवल के दिन मुहर्रम का आखरी जुलुस चुप ताज़िया फज़्र की नमाज़ के बाद उठता है जिसमे लोग बिना मातम करे मर्सिया पढ़ते हुए इमाम हुसैन (अ.स ) व इमाम हसन (अ.स ) को याद करते हुए काज़मैन रोज़े तक गए।

 

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