डर्मेटोमायोसिटिस थी
सुहानी भटनागर (14 जून 2004 ) ने छोटी उम्र में विभिन्न टेलीविज़न विज्ञापनों के साथ-साथ साहित्य संग्रहों और फिल्मों में…
भीड़ से जुदा
सुहानी भटनागर (14 जून 2004 ) ने छोटी उम्र में विभिन्न टेलीविज़न विज्ञापनों के साथ-साथ साहित्य संग्रहों और फिल्मों में…
इसे यूँ कहना ही शायद उचित रहेगा कि अब से पहले वाले दौर में हम किस तरह से स्वाभाविक रूप…
मुबारक साल गिरह स्वप्निल संसार। ”मुझे पीने का शौक नहीं…पीती हूं गम भूलाने को”, ये गाना साल 1983 में आई…
स्मृति शेष । मेघनाद साहा एस्ट्रोफिजिसिस्ट् थे। वे साहा समीकरण के प्रतिपादन के लिये प्रसिद्ध हैं। यह समीकरण तारों में…
जयंती पर विशेष एक लफ्ज़ है – हरफ़न मौला. इस एक लफ्ज़ को अगर किसी नाम में बदला जाए तो एक…
दादासाहब फाल्के को भारतीय सिनेमा के पितामह के रूप में जाना जाता है। धुंडिराज गोविन्द फालके उपाख्य दादासाहब फालके जिन्हें…
तात्या टोपे भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के प्रमुख सेनानायक थे। 1857 के महान विद्रोह में उनकी भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण,…