शरद ऋतु भारत में  चारों ऋतुओं में  सबसे ठण्डी होती है। इस मौसम में कई परेशानियां होती हैं जैसे जल्दी सर्दी-जुकाम होना, खांसी आना आदि, वहीं पाचन शक्ति के लिए यह ऋतु बहुत अच्छी मानी जाती है। सर्दी का असर त्वचा पर पड़ता है। दिल के मरीजों के लिए भी परेशानी बढ़ जाती है। इसलिए शरीर को विशेष ऊर्जा की जरूरत पड़ती है। इसी मौसम की देन है स्वादिष्ट मूंगफली जो खाने में  मजा देती ही है, साथ ही शरीर को भी कई बीमारियों से बचाती है। मूंगफली की गुड़ में  बनी गजक खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। मूंगफली को देशी काजू यूं ही नहीं कहा जाता, इसमें  विटामिन्स, मिनिरल और एंटी आक्सीडेन्ट्स भी होते हैं।
Image result for मूंगफली

सर्दियों की शुरुआत के साथ ही गजक खाने का मौसम आ जाता है। मूंगफली को सस्ता काजू कहा जाता है और इसमें स्वाद के साथ साथ कई प्रकार के स्वास्थ्य को लाभ पंहुचाने संबंधी गुण भी होते हैं। मूंगफली को कई प्रकार से उपयोग किया जाता है। इसका तेल भी स्वाद और स्वास्थ्य के लिए बहुत प्रचलित है। मूंगफली हमारे देश में हर तरह के खाने में इस्तेमाल की जाती है चाहे वह मीठे पकवान हो या नमकीन, इससे बिना कुछ पकवान तो संभव ही नहीं। यह हमारे देश में हर जगह बडी आसानी से मिल जाती है। मूंगफली में होने वाले विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व इसे स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभकारी बनाते हैं। इसमें विटामिन, मिनरल्स, न्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं जिससे शरीर को स्वस्थ रखना न केवल मुमकिन है बल्कि आप हमेशा एक एनर्जी महसूस करेंगे। इसमें विटामिन डीपी कॉम्प्लेक्स, नियाचिन, रिबोफ्लेविन, थियामिन, विटामिन डीपी6, विटामिन डीपी9 और पेंटोथेनिक एसिड पाया जाते हैं और इसकी पौष्टिकता में इजाफा करते हैं।
मूंगफली का खास गुण यह है कि यह शरीर पर स्मार्टली काम करती है। यह शरीर में से बुरे कॉलेस्ट्रोल को कम करती है और अच्छे कॉलेस्ट्रोल को बढ़ाती है। इसमें मोनो-अनसेचुरेटेड फैटी एसिड खासतौर पर ऑलइक एसिड होता है जिससे दिल संबंधी बीमारियों से छुटकारा मिलता है। मूंगफली प्रोटीन का एक बहुत अच्छा स्रोत है। इसमें होने वाला अमीनो एसिड शरीर की ग्रोथ के लिए बहुत अच्छा होता है और इसलिए बच्चों के लिए यह बहुत लाभकारी है। मूंगफली में भारी मात्रा में मौजूद पॉली-फेनोलिक एंटीऑक्सीडेंट्स और कॉमेरिक एसिड में पेट के कैंसर की संभावना को कम करने का गुण होता है। मूंगफली में एंटीऑक्सीडेंट्स काफी मात्रा में होते हैं जो मूंगफली को उबालने पर और ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। इसमें मौजूद बॉयोचानिन- दो गुना और जेनिस्टाइन चार गुना बढ़ जाता है जिससे आपके शरीर में भीतरी साफ सफाई सुचारु और नियमित रूप से होती रहती है। असल में मूंगफली को सिर्फ सस्ता काजू इसलिए नहीं कहा जाता कि यह काजू की तरह सफेद होता है कई बार उसकी जगह इस्तेमाल कर ली जाती है बल्कि यह मेवा ही होती है। इसमें बादाम की तरह विटामिन भरपूर मात्रा में होता है और इससे आपका बेहतरीन त्वचा और बाल निकलने का सपना निश्चित तौर पर हकीकत में बदल सकता है। मूंगफली में पोटेशियम, मैग्नीज, कॉपर, केल्सियम, आयरन, सेलेनियम और जिंक जैसे अतिआवश्यक मिनरल्स भी पाए जाते हैं जो कि शरीर में होने वाले विभिन्न तरह के फंक्शंस के लिए बहुत जरूरी हैं। इसमें एक खास गुण यह होता है कि ऐसी महिलाएं जो मूंगफली को एक हफ्ते में कम से कम दो बार खाती हैं, उनके वजन बढने की संभावना कम हो जाती है। मूंगफली को प्रेंगनेंसी के पहले और शुरुआत में खाना शुरू कर देने से बच्चे में हो सकने वाला गंभीर न्यूरल ट्यूब डीफेक्ट 70 प्रतिशत तक कम हो जाता है। मूंगफली में होने वाले मैग्नीशियम से कैल्शियम, फेट्स और कार्बोहाइड्रेड्स शरीर में घुल जाते हैं और रक्त में शुगर का स्तर नियंत्रण में रहता है। मूंगफली के आश्चर्यजनक गुणों में क्रोनिक त्वचा संबंधी बीमारियां जैसे एग्जीमा और सोराइसिस का भी इलाज संभव है। इसमें पाए जाने वाले फेटी एसिड से सूजन और त्वचा में होने वाला लालपन भी कम हो जाता है। मूंगफली में पाए जाने वाले विटामिन ओ, जिंक और मैग्निशियम त्वचा को ताजगी और चमक देने के साथ साथ बैक्टीरिया से भी त्वचा को बचाते हैं। इसमें होने वाला प्रोटीन शरीर में नए सेलो का निर्माण करता है। मूंगफली बढ़ती उम्र, रंग में फीकापन जैसी समस्याओं से लडने के साथ साथ त्वचा में नमी बनाए रखती है। इससे त्वचा, बाल, शरीर के अंदर के अंग और बाकी सभी हिस्सों को लाभ पहुंचाने वाले गुण भरपूर मात्रा में होते हैं। इस प्रकार सर्दियों का मजा लेते हुए मूंगफली खाते हुए बातें करिए और शरीर को बीमारी से भी बचाएं। (हिफी)

Leave a Reply

Your email address will not be published.