सुनियोजित योजना के तहत सदन में व्यवधान सदन का अवमान होता है-हृदय नारायण दीक्षित
उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा है कि सदन के अन्तर्गत योजनाबद्ध तरीके से बैनर लहराना, सीटी बजाना आदि किसी प्रकार के कृत्य संसदीय गरिमा के विपरीत होता है। श्री दीक्षित विधान भवन के राजर्षि पुरूषोत्तम दास टण्डन हाल में नव वर्ष के उपलक्ष्य में पत्राकारों से भेंट कर रहे थे। इस अवसर पर श्री दीक्षित ने यह कहा कि भारत के स्वतंत्रता के बाद चुनावोंपरान्त जब लोकसभा एवं विधान सभायें गठित हुई तो हमारे देश के तत्कालीन राष्ट्रीय नेताओं ने लोकसभा एवं विधान सभाओं में किस प्रकार मर्यादित ढंग से अपना कार्य-संचालन करें, इस सम्बन्ध में कई प्रकार की परिपाटी और नियमों का सृजन किया।
एक सवाल के जवाब में श्री दीक्षित ने राज्यपाल के अभिभाषण के समय योजनाबद्ध तरीके से बैनर लहराना और सदन को अशांत रखने व राज्यपाल के अभिभाषण को गरिमापूर्ण ढंग से आदरपूर्वक न सुनने की उत्पन्न स्थिति पर अपनी चिन्ता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सदन के एक छोटे से वर्ग द्वारा योजनाबद्ध रूप से सदन की कार्यवाही बाधित कर विधान सभा के 403 सदस्यों के वाद-विवाद सम्बन्धी अधिकारों का हनन करना, संसदीय गरिमा के विपरीत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में सदस्यों द्वारा श्री राज्यपाल के अभिभाषण को बिना किसी व्यवधान के सम्मानित ढंग से सुना जायेगा।

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पत्रकारों ने  पूर्व विधान सभा सदस्यों द्वारा लोगो का उपयोग करने पर सवाल पूछा। प्रतिबन्ध किया जाने सम्बन्धी प्रश्न के बारे में जानकारी देते हुए  अध्यक्ष ने कहा राज्यपाल को एक भूतपूर्व  विधान सभा सदस्य ने विधान सभा के लोगो का प्रयोग करते हुए पत्र लिखा था। उस पर राज्यपाल ने विधान सभा अध्यक्ष को पत्र भेजते हुए यह अपेक्षा की कि इस प्रकार विधान सभा के लोगो का उपयोग किया जाना विधि सम्मत नहीं है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए विधान सभा द्वारा परामर्शी परिपत्र जारी किया गया है।
मा0 अध्यक्ष ने कहा कि संसद द्वारा पारित अधिनियम The State Emblem of India (Prohibition of Improper Use) Act, 2005 Act No. 50  वर्ष 2005 में ही यू0पी0ए0 शासन के दौरान जारी किया गया था। जिसमें भूतपूर्व मंत्रियों, पूर्व मंत्रियों, पूर्व जजों, पूर्व संसद सदस्यों एवं पूर्व अधिकारियों को सरकार के लोगो का प्रयोग करने के लिए प्रतिबन्धित किया गया है। इसी अधिनियम के तहत सभी माननीय सदस्यों को यह सलाह दी गयी है कि विधान सभा के लोगो का उपयोग न किया जाय। पत्रकारों द्वारा लोक लेखा समिति के अध्यक्ष के चुनाव के बारे में पूछे जाने पर अध्यक्ष ने बताया कि लोक लेखा समिति का चुनाव  18 जनवरी को सम्पन्न होगा और उसी दिन समिति का उद्घाटन भी किया जाएगा ताकि समिति अपना कार्य तत्काल प्रारम्भ कर दे।
 अध्यक्ष ने पत्रकारों के मध्य यह घोषणा की कि संविधान सभा में उत्तर प्रदेश के अनेक सदस्य चुने गऐ थे। उनके द्वारा संविधान सभा में महत्वपूर्ण भाषण दिया गया। उनके भाषणों का संकलन कर विधान सभा द्वारा एक पुस्तक तैयार करायी जायेगी। यह पुस्तक सभी मा0 सदस्यों को उपलब्ध करायी जायेगी। विधान सभा अध्यक्ष ने यह भी बताया कि विधान सभा सचिवालय से प्रकाशित त्रैमासिक संसदीय दीपिका पत्रिका को मासिक पत्रिका बनाया जायेगा। विधान सभा के साहित्य एवं पत्रिका को जन-मानस तक पहुंचाने के उद्देश्य से विधान भवन के किसी उचित स्थान पर एक बुक-स्टाल भी स्थापित किया जायेगा।

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