केन्‍द्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड ने यह निर्णय लिया है कि दसवीं कक्षा की गणित की परीक्षा दिल्‍ली-एनसीआर तथा हरियाणा में दोबारा नहीं होगी। इसलिए दसवीं कक्षा की गणित की पुनर्परीक्षा देश के किसी भी हिस्‍से में नहीं होगी। इससे पहले 30 मार्च, 2018 को सीबीएसई ने एक अधि‍सूचना जारी कर कहा था कि यदि जांच के बाद आवश्‍यक हुआ तो दसवीं कक्षा की गणित की परीक्षा दिल्‍ली-एनसीआर तथा हरियाणा में दोबारा होगी।

बोर्ड ने कहा है कि आंतरिक जांच तथा उपलब्‍ध प्रपत्र/सामग्री के विश्‍लेषण और पुलिस जांच से मिली जानकारी इंगित करते है कि पेपर लीक कुछ ही छात्रों तक सीमित था। दसवीं कक्षा की गणित की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्‍यांकन किसी असामान्‍य पैटर्न या अंकों की असामान्‍य बढ़ोतरी नहीं दर्शाता है। इससे पता चलता है कि पेपर लीक बड़े पैमाने पर नहीं हुआ है। बोर्ड के संज्ञान में यह तथ्‍य आया है कि सोशल मीडिया पर जाली प्रश्‍न पत्र अपलोड किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्‍य छात्रों, अभिभावकों और विद्यालयों में घबराहट फैलाना है।

गणित परीक्षा की अनिश्‍चितता को लेकर विभिन्‍न हितधारक बोर्ड के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं। इसके अतिरिक्‍त बोर्ड के हेल्‍पलाइन डेस्‍क पर गणित की पुनर्परीक्षा से संबंधित 1000 से ज्‍यादा फोन आए हैं।

छात्र हित को सर्वाधिक महत्‍व देते हुए बोर्ड ने यह निर्णय लिया है कि दसवीं कक्षा की गणित की पुनर्परीक्षा दिल्‍ली-एनसीआर और हरियाणा में आयोजित नहीं की जाएगी। पेपर लीक मामले में जांच के पश्‍चात जो दोषी पाए जाएंगे उन पर सीबीएसई परीक्षा के उप नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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