पासवान ने की सवर्णों को आरक्षण की वकालत
पटना। लोजपा प्रमुख सह केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि सवर्णों को भी नौकरियों में 15 फीसद आरक्षण मिलना चाहिए। पार्टी गरीब सवर्णों को अवसर मुहैया कराने के लिए आरक्षण देने की मांग कर रही है। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। इसकी मांग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले दस सालों से कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि बिहार के मुकाबले आंध्र प्रदेश की स्थिति बेहतर है। विशेष राज्य की मांग को लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू का एनडीए से अलग होने का निर्णय गलत है। वे चार साल तक सरकार में रहे और उनकी पार्टी के लोग मंत्री थे। विशेष राज्य का दर्जा के लिए मापदंड तय है। इसे पूरा करने पर ही विशेष राज्य का दर्जा दिया जा सकता है। वित्त मंत्री ने संसद में विशेष राज्य का नाम लिए बगैर आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। श्री पासवान ने बीपीएससी की परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले एससी और एसटी को पचास हजार तथा यूपीएससी की परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा करने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया। मौके पर पार्टी के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष व सांसद चिराग पासवान, प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस, दलित सेना के अध्यक्ष व सांसद रामचन्द्र पासवान आदि उपस्थित थे। (हिफी)
जयराम ने कहा यूपीए सरकार थी भ्रष्ट
शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि पूर्व यूपीए सरकार के समय व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार था। यह बात उन्होंने शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके परिवार के खिलाफ अवैध संपत्ति और बैंक खाते रखने के लिए ब्लैकमनी एक्ट के अंतर्गत चार चार्जशीट दाखिल होने से यह साफ हो जाता है।
यह भी आश्चर्यजनक है कि आयकर विभाग के अनुमान के मुताबिक पी चिदंबरम की विदेश में तीन अरब डॉलर की संपत्ति है। इससे यह भी पता चलता है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कालाधन के खिलाफ एसआइटी का गठन करने में अपने हाथ पीछे खींच लिए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने सबसे पहला निर्णय काला धन के खिलाफ लड़ने के लिए एसआइटी के गठन का लिया था। चार वर्ष के कार्यकाल में भाजपा ने केंद्र में ईमानदार व भ्रष्टाचार मुक्त सरकार की मिसाल कायम की है। जय राम ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से सवाल किया कि उन्होंने अभी तक विदेश में अवैध संपत्ति के मामले में पी चिदंबरम के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है। (हिफी)
दुर्घटना मुक्त झारखण्ड बनाएंगे रघुवर
रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 2022 तक राज्य को दुर्घटनाओं के मामले में जीरो टॉलरेंस तक पहुंचाने की अपील की है। सड़क दुर्घटनाएं न्यूनतम हों और इसके लिए उन्होंने प्रशासन के साथ-साथ समाज की भूमिका पर भी चर्चा की। कहा, जीवन सबसे बड़ी पूंजी है और इसे बचाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। हम नागरिक होने का कर्तव्य निभाएं, हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं, ट्रैफिक नियमों का पालन करें तो स्वतः दुर्घटनाएं कम होंगी। दूसरा कोई हमें टोके, इसका अवसर ही नहीं देना चाहिए। इस तरह दुर्घटनाएं खुद-ब-खुद कम हो जाएंगी। सीएम यहां एक होटल में सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने कहा कि सरकार ने जीवन सुरक्षा को लेकर जो कदम उठाए हैं, उसका असर दिख रहा है और वर्ष 2017-18 में सड़क दुर्घटनाओं में 17.5 फीसद की कमी आई है। उन्होंने नियमों का सख्ती से पालन करने की बात करते हुए परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियमित तौर पर स्कूल-कॉलेज के प्राचार्यो से मिलें और उन्हें निर्देश दें कि जो छात्र बिना हेलमेट के आते हैं उन्हें स्कूल से निष्कासित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो ड्राइवर शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े जाएंगे उनकी गाड़ी का लाइसेंस और ट्रांसपोर्ट का लाइसेंस भी रद होगा। ऐसे प्रयासों से स्थितियां सुधरेंगी। (हिफी)
राजस्थान में हार्दिक के आने पर रोक
जयपुर। राजस्थान में 15 मई से प्रस्तावित गुर्जर आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर वसुंधरा राजे सिंधिया ने गुजरात के पाटीदार आंदोलन के संयोजक हार्दिक पटेल के भरतपुर प्रवेश पर रोक लगा दी है। हार्दिक ने दो दिन पहले ही राजस्थान यात्रा के दौरान गुर्जरों के आंदोलन को समर्थन के एलान के साथ ही वहां पहुंचने के संकेत भी दिए थे। इस बीच, सरकार की ओर से गुर्जरों को जयपुर सचिवालय में बातचीत के लिए बुलाया गया है।
गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला पहले कह चुके हैं कि पांच फीसद आरक्षण के अलावा कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आंदोलन को लेकर गुर्जरों में ही दो फाड़ होता नजर आ रहा है। आंदोलन के लिए प्रस्तावित स्थान से सटे गांवों के सरपंचों ने कर्नल बैंसला का विरोध शुरू कर दिया है। गुर्जरों के इस धड़े ने भी 15 मई को महापंचायत करने का एलान किया है। (हिफी)

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