टीवी एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना अक्सर अपनी हॉट तस्वीरों की वजह से सुर्खियों में रहती हैं। वह सोशल साइट पर काफी एक्टिव रहती हैं और आए दिन फैंस के साथ अपनी बोल्ड तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। हाल ही में करिश्मा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर तस्वीर शेयर की हैं। तस्वीर में वह ब्लैक बिकिनी पहने नजर आ रही हैं, जिसमें वह बेहद हॉट लग रही हैं। फैंस उनकी इस तस्वीर के काफी पसंद कर रहे हैं। इससे पहले करिश्मा का एक वीडियो काफी वायरल हुआ था। वीडियो में करिश्मा बिकनी पहने अंडरवाटर स्विमिंग करती हुई नजर आई थी। बता दें कि करिश्मा इन दिनों सीरियल कयामत की रात में नजर आ रही हैं। इसमें उनके साथ विवेक दहिया मुख्य किरदार में हैं। इसके अलावा वह सीरियल नागिन 3 में नजर आ चुकी हैं।

 धडक़ देखने के बाद इस डॉक्टर , मांगी श्रीदेवी से माफी
 जाह्नवी कपूर और ईशान की धडक़ की बॉक्स ऑफिस पर तीसरे दिन भी पकड़ मजबूत है। फिल्म समीक्षकों ने इसे 3.5 से 4 स्टार रेटिंग भी दी है। कई सेलेब्रिटी जाह्नवी और ईशान के काम की तारीफ भी कर चुके हैं। ऐसे में अब फिल्म देखने के बाद पब्लिक ने रिएक्शन देना शुरू किया है। लोग सोशल मीडिया पर फिल्म से जुड़ा अपना एंगल भी शेयर कर रहे हैं। इनमें से ही एक नाम, भोपाल के आयुर्वेदिक डॉक्टर अबरार मुल्तानी का भी शामिल है। उन्होंने फिल्म के एंड को बगैर हाथ-पैर का बताया। डॉ. अबरार लिखते है, हॉल में लोग तब हंस रहे थे जब जब ईशान खट्टर रो रहा था। फिल्म में दोनों (मधुकर-पार्थवी) का बच्चा एक बार भी हंसता हुआ नजर नहीं आया। इससे पता चलता है कि चाइल्ड साइकोलॉजी की डायरेक्टर को रत्तीभर समझ नहीं है। बावड़ी को तालाब बोल रहे थे मतलब आपको राजस्थान के कल्चर का भी कोई ज्ञान नहीं है। राजस्थानी भाषा को जबरन थोपा गया है, क्योंकि उदयपुर में इतनी राजस्थानी कोई नहीं बोलता। इसकी शिक्षा दंगल से ली जा सकती है। एंड में ईशान और उसके बेटे को मार दिया जाता है, बस इसी वक्त पब्लिक सबसे ज्यादा हंसती है, क्योंकि बगैर हाथ पैर का एंड हो जाता है। चिकित्सा के नजरिए से कहूं तो मुझे यह बात अच्छी लगी कि दोनों ने भागते वक्त जहां मौका मिला नींद भरपूर ली। इतने तनाव में सोना बहुत जरूरी है। ये बात मैं सभी को बोलता हूं। इस समीक्षा के लिए मैं श्रीदेवी की आत्मा से माफी चाहता हूं। सॉरी मैम। एक बार देख लो भाइयों ताकि अगली बार से आप लोग मेरी समीक्षा पर शक नहीं करोगे। अन्य फेसबुक यूजर तैयब पटेल ने लिखा-जाह्नवी कपूर की फिल्म धडक़ शायद उन दर्शकों को पसंद आए जिन्हें मराठी फिल्म सैराट के बारे में कुछ भी नहीं पता। धडक़ अपनी मूल कृति से काफी पीछे रह गई। सैराट का मतलब जुनूनी, जंगली, अनपढ़, पगलाया हुआ होता है। यही इस फिल्म की आत्मा थी जिसे मराठी में एक अति साधारण शक्ल सूरत की दसवीं क्लास की छात्रा रिंकू राजगुरू ने जीवंत किया था। पर्दे पर रिंकू की दबंगई देखते बनती थी, लेकिन जाह्नवी कपूर में उस दर्जे के जुनून का अभाव दिखता है। बड़े बैनर की वजह से फिल्म को बेवजह भव्य बनाने की कोशिश की गई है। जिससे फिल्म धीमी हो गई। मूल फिल्म में सबसे सशक्त सीन उसका क्लाइमैक्स था जिसे देखकर दर्शक स्तब्ध रह गए थे। उसमें भी अनावश्यक छेड़छाड़ कर कमजोर किया गया है।

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