स्वप्निल संसार। लखनऊ।  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से इलाहाबाद विश्वविद्यालय कें छात्र नेताओं सुश्री नेहा यादव, सुश्री रमा यादव एवं किशन मौर्या ने मुलाकात कर अपने साथ हुये पुलिसिया उत्पीड़न और अमानवीय व्यवहार की जानकारी दी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस घटना को अलोकतांत्रिक और संवेदनहीन बताते हुये इसकी भर्सना की है। श्री यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्र नेताओं के संघर्ष में सहयोगी है।
छात्र नेताओं ने कहा कि इलाहाबाद में 27 जुलाई 2018 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लोकतांत्रिक तरीके से काला झण्डा दिखाने पर उनके काफिले में शामिल पुरूष कमाण्डो और पुलिस ने बाल नोचकर छात्राओं को लाठियों से पीटा। उसके बाद धूमनगंज पुलिस की गाड़ी में बैठाकर जंगल की तरफ ले जाकर सभी को उतार कर जान से मारने की धमकी देकर पीटने लगे। आशा ज्योति केन्द्र में उन्हें रात भर रखा गया और सुबह महिला कांस्टेबल व महिला थाना इंचार्ज द्वारा फिर बाल नोचकर अभद्र गालियां देते हुए कोर्ट ले जाया गया। रास्ते में भी पिटाई भी की गई। इसके बाद फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया।
सुश्री नेहा यादव ने बताया कि उन पर अपराध संख्या 995/18 धारा 147/341/188/505 एवं 7 सीएल एैक्ट लगाया गया। इसके अतिरिक्त बाहर उनकी वीड़ियों एडिट कर अमित शाह वापस जाओं के नारे को देशद्रोही बताने का भी कुचक्र रचा जा रहा है। घर पर भाजपा कार्यकर्ता हमला कर रहे हैं। छात्रनेताओं की मांग थी कि विश्वविद्यालय में आरक्षण विरोधी एडमिशन प्रक्रिया पर तुरन्त रोक लगे। प्रवेश के साथ हास्टल आवंटन हो, जिन एस.सी./एस.टी. छात्रों से आरक्षण नियम के विरूद्ध फीस वसूली की जा रही है उनसे आरक्षण नियम अनुसार फीस ली जाए। शोधार्थियों के हास्टल लेने पर एक ही फीस ली जाए।
पीड़ित छात्र नेताओं ने मांग की है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करने, उन पर लाठियां चलाने वाले कमाण्डो-पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई कर बर्खास्त किया जाए। भाजपा के जिन लोगों ने आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किये हैं। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो तथा वीडियों से छेड़छाड़ करने वालों पर मुकदमा कायम किया जाए।

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