
लखनऊ,। आजकल दवा दुकानों पर दवाओं से ज्यादा फूड सप्लीमेंट की बिक्री हो रही है। जिसका कारण फूड सप्लीमेंट को लेकर मल्टी नेशनल कंपनियों की ओर से समाज में फैलाया जा रहा भ्रम और मोटा मुनाफा है। बेहतर कमीशन के चक्कर में डॉक्टर भी दवाओं के साथ फूड सप्लीमेंट लिखना नहीं भूलते जिससे मरीजों को मजबूरी में इनकी खरीददारी करनी पड़ती हैं। साथ ही दवा दुकानदार फूड सप्लीमेंट के एवज में मनमाने दाम वसूलते हैं क्योंकि इनके दाम निर्धारित नहीं हैं। इसको लेकर शहर के ड्रग एक्टिविस्ट अशोक कुमार भार्गव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फूड सप्लीमेंट के दाम निर्धारित करने की मांग की है। अशोक कुमार भार्गव ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से फूड सप्लीमेंट का मूल्य बिना किसी देरी के तुरंत निर्धारित कर देने चाहिए। कुछ वर्ष पूर्व दवा दुकानों पर इनकी मौजूदगी केवल 0. 3 फीसद ही थी लेकिन अब ये बढ़कर 30 से 35 फीसद पहुँच गयी है। क्योंकि इन उत्पादों के मूल्य निर्धारण पर सरकार का कोई कण्ट्रोल नहीं है। इसलिए कंपनियां इन्हें मनमाफिक कीमतों पर बेचकर लोगों को लूट रही हैं। भार्गव ने कहा कहा कि जिस प्रकार से सरकार ने हाल ही में स्टेंट की कीमतें निर्धारित की हैं। उसी तरह इंप्लांट व हेल्थ उत्पादों की कीमतों पर अंकुश लगाना जरूरी है। जिससे लोग इन कंपनियों की लूट खसोट से बचा जा सके। उन्होंने मांग की है कि पेय पदार्थों व न्यूट्रास्यूटिकल्स, बॉडी बिल्डिंग के लिए बेचे जा रहे उत्पादों को भी मूल्य निर्धारण के दायरे में लाया जाये। राजधानी में संचालित जिम में बॉडी बिल्डिंग के नाम ट्रेनर्स बगैर किसी चिकित्सकीय परामर्श और मानक के जिम के अंदर धड़ल्ले से फिटनेस सप्लीमेंट बेच रहे है। इन दवाओं से शरीर को तमाम प्रकार के नुकसान हो सकते हैं। तमाम दवाएं ऐसी हैं जिनके सेवन से आप नपुंसक भी हो सकते हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए केजीएमयू के डॉ. कौसर उस्मान बताते हैं कि जिम में युवा गठीला शरीर बनाने के चक्कर में देशी खुराक छोड़ कर फिटनेस सप्लीमेंटों का प्रयोग करने लगते हैं। जिससे शरीर में तमाम तरह की दिक्कतें हो जाती हैं। इनके सेवन से नपुंसकता भी आ सकती है। उन्होंने कहा कि बाजारों में सरेआम अलग-अलग कंपनियों के नकली सप्लीमेंट्स बेचे जा रहे हैं, जहां इन फूड सप्लीमेंट्स को खाने के साथ नौजवान पैसों की बर्बादी कर रहे हैं। वहीं अंदरूनी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में बेचे जा रहे 60 से 70 प्रतिशत पूर्ण आहार नकली गैर-मान्यता या गैर-रजिस्टर्ड हैं। बाजारों में फिटनेस सप्लीमेंट मेडीकल स्टोरों के अलावा शहरों में बड़ी-बड़ी दुकानों पर मिलते हैं। नकली फूड सप्लीमेंटों में स्टीरायड होता है, जिसका ज्यादा प्रयोग शरीर के लिए बहुत ही हानिकारक है। इनसे हार्ट अटैक, दिल के रोगों के अलावा अन्य भयानक बीमारिया होने का खतरा बढ़ जाता है। बाजारों में नकली उत्पादों की पहचान करना बहुत मुश्किल है।