एजेंसी। नाज़िश प्रतापगढ़ी उर्दू के सुप्रसिद्द शायर थे। भारत भूमि से नाज़िश को विशेष लगाव था। देश के बंटवारे के बाद उनके माता-पिता, भाई-बहन आदि सभी पाकिस्तान चले गए, लेकिन नाज़िश ने भारत मे... Read more
आशापूर्णा देवी बांग्ला भाषा की प्रख्यात उपन्यासकार हैं जिन्होंने मात्र 13 वर्ष की आयु में लिखना प्रारंभ कर दिया था और तब से ही उनकी लेखनी निरंतर सक्रिय बनी रही। वह एक मध्यवर्गीय परिवार से थी... Read more
स्मृति शेष स्वप्निल संसार। भीष्म साहनी प्रसिद्ध लेखक थे। उन्हें हिन्दी साहित्य में प्रेमचंद की परंपरा का अग्रणी लेखक माना जाता है। वे आधुनिक हिन्दी साहित्य के प्रमुख स्तंभों में से एक थे। भी... Read more
जयंती पर विशेष –स्वप्निल संसार। संजोग वॉल्टर। चन्द्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ हिन्दी साहित्य के प्रख्यात साहित्यकार थे। हिमाचल प्रदेश के गुलेर गाँव के वासी ज्योतिर्विद महामहोपाध्य... Read more
स्मृति शेष। मुद्राराक्षस प्रसिद्ध लेखक, उपन्यासकार, नाटककार, आलोचक तथा व्यंग्यकार थे। उनके साहित्य का अंग्रेज़ी सहित दूसरी भाषाओं में भी अनुवाद हुआ है।कहानी, कविता, उपन्यास, आलोचना, नाटक, इ... Read more
जयंती पर विशेष-ज़िन्दगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें ,ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें-अख़लाक़ मुहम्मद ख़ान ,जिन्हें उनके तख़ल्लुस शहरयार से ही पहचाना जाना जाता है, उर्दू शायरी के दि... Read more
जयंती पर विशेष स्वप्निल संसार। सुमित्रानंदन पंत हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। इस युग को जयशंकर प्रसाद, महादेवी वर्मा, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला... Read more
पुण्य तिथि पर विशेष –स्वप्निल सन्सार। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म 19 अगस्त,1907 में बलिया के ‘दुबे का छपरा’ ग्राम में हुआ था। इनके पिता का नाम अनमोल दुबे एवं माता... Read more
जयंती पर विशेष सआदत हसन मंटो की गिनती ऐसे साहित्यकारों में की जाती है जिनकी कलम ने अपने वक़्त से आगे की ऐसी रचनाएँ लिख डालीं जिनकी गहराई को समझने की दुनिया आज भी कोशिश कर रही है। मंटो का जन्... Read more





























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