आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह कहे जाते हैं
स्मृति शेष । एजेन्सी। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह कहे जाते हैं। वे हिन्दी में आधुनिकता के पहले…
“अभिनय शारदे”
कमला कुमारी, जिन्हें उनके स्टेज नाम जयंती के नाम से जाना जाता है , अभिनेत्री थीं, जो कन्नड़ सिनेमा और…
मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया…
जयदेव पहले संगीतकार थे जिन्होंने 3 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए। उन्होंने सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन फ़िल्म “रेशमा और शेरा” (1972), “गमन”…
इमारतों का बादशाह
-शाहजहाँ का जन्म 5 जनवरी 1591 को लाहौर में हुआ था। ख़ुर्रम जहाँगीर का छोटा पुत्र था, वह बड़ा कला…
श्री श्री परमहंस योगानन्द जी
श्री श्री परमहंस योगानन्दजी गोरखपुर में जन्मे परमहंस योगानन्द बीसवीं सदी के आध्यात्मिक गुरू, योगी और संत थे। परमहंस योगानन्द जी…
10 वर्षों तक अंडमान की जेल में घोर यातना सही
बारीन्द्रकुमार घोष महान स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार तथा “युगान्तर” के संस्थापकों थे। वह ‘बारिन घोष’ नाम से भी प्रसिद्ध हैं।…
लोग ‘बाबूजी’ के नाम से भी सम्बोधित करते थे
कल्याण सिंह राजनीतिज्ञ, राजस्थान के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री थे। उन्हें लोग ‘बाबूजी’ के नाम से…
मूंछें हों तो नत्थूलाल जैसी हों वरना न हों …
-वीर विनोद छाबड़ा- आपको प्रकाश मेहरा की ‘शराबी’ (1985) में अभिताभ बच्चन का यह डायलाग अच्छी तरह याद होगा। जन-जन…
दाढ़ी बनाने की परेशानी बन गई सफलता की कहानी : जिलेट
जयंती पर विशेष प्रकाश बियानी-दुनिया के ब्लेड्स व रेजर मार्केट के 70 फीसदी हिस्से पर प्रोक्टर एंड गेम्बल का आज…
‘अन्ना साहब
जयंती पर विशेष-चितलकर रामचन्द्र न केवल संगीत निर्देशन की प्रतिभा से परिपूर्ण थे, अपितु उन्होंने अपनी गायकी, फि़ल्म निर्माण, निर्देशन…