‘गिली-गिली’
देहरादून [निशांत कुमार]। देहरादून में सर्वे चौक के पास एक गली में तीन कमरों की पुरानी इमारत बाहर से यह…
भोजपुरी के शेक्सपीयर
भोजपुरी के शेक्सपीयर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर का जन्म 18 दिसंबर 1887 को छपरा के कुतुबपुर दियारा गांव में…
‘मास्टरजी’
पुण्य तिथि पर विशेष। डॉ॰ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी जिन्हें ‘मास्टरजी’ के नाम से भी जाना जाता है, हिंदी के निबंधकार…
काजू भुने प्लेट में व्हिस्की गिलास में
अदम गोंडवी जी की पुण्य तिथि पर विशेष। – संजोग वॉल्टर । 18 दिसंबर 2011 खबर आई थी एसजीपीजीआई लखनऊ…
अंतर्राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस
एजेंसी। अंतर्राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस विश्वभर में 18 दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिवस 18 दिसंबर 1992 से सयुंक्त…
भोगराजू पट्टाभि सीतारामैया
भोगराजू पट्टाभि सीतारामैया का जन्म- 24 दिसम्बर, 1880, आन्ध्र प्रदेश में हुआ था ,प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, गाँधीवादी और पत्रकार थे। इन्होंने दक्षिण भारत में स्वतंत्रता की…
गुलाब के इत्र की खोज की थी
नूरजहाँ मुग़ल सम्राट जहाँगीर की पत्नी थी। उनका मूल नाम ‘मेहरुन्निसा था। जब उनके पिता मिर्ज़ा ग़यास बेग़, जो कि…
नट सम्राट
श्रीराम लागू मराठी थिएटर के मझे हुए कलाकार थे और डॉक्टर थे. श्रीराम लागू ने अपने कैरियर में करीब 100…
छिमा बड़न को चाहिये, छोटन को उतपात
अब्दुर्रहीम ख़ान-ए-ख़ाना या रहीम, मध्यकालीन कवि, सेनापति, प्रशासक, आश्रयदाता, दानवीर, कूटनीतिज्ञ, बहुभाषाविद, कलाप्रेमी, एवं विद्वान थे। वे भारतीय सामासिक संस्कृति…
फिर से पैदा होने जा रहा हूं
पुण्य तिथि पर विशेष –आज़ादी के आन्दोलन को गति देने के लिये धन की तत्काल व्यवस्था की जरूरत के मद्देनजर शाहजहाँपुर…