छिमा बड़न को चाहिये, छोटन को उतपात

अब्दुर्रहीम ख़ान-ए-ख़ाना या रहीम, मध्यकालीन कवि, सेनापति, प्रशासक, आश्रयदाता, दानवीर, कूटनीतिज्ञ, बहुभाषाविद, कलाप्रेमी, एवं विद्वान थे। वे भारतीय सामासिक संस्कृति…

मनोरंजन पक्ष को कभी अनदेखा नहीं किया

 स्मृति शेष । एजेन्सी। ऋषिकेश मुखर्जी हिन्दी फि़ल्मों में  ऐसे फि़ल्मकार के रूप में विख्यात हैं जिन्होंने बेहद मामूली विषयों…