रहें न रहें हम, महका करेंगे…
मुनव्वर सुल्ताना, एक ऐसा नाम है जो चालीस और पचास के दशक में दर्शकों की ज़बान पर चढ़ कर बोलता…
डॉ के विक्रम राव पत्रकार की यात्रा, साहित्यकार/लेखक तक का हुआ आयोजन
लखनऊ। हिन्दी केवल भाषा नहीं, यह हमारी सभ्यता, संस्कृति और आत्मा की पहचान है। यही वह सूत्र है जो सम्पूर्ण…
“हिंदी सिनेमा में हिंदी कैसे बचे”
हिंदी सिनेमा बदलाव के दौर से गुज़र रहा है और इसमें सबसे बड़ा बदलाव भाषा के स्तर पर महसूस हो…
उस दिन उनकी बेटी का जन्मदिन था
मानसी सिन्हा। 1960 और 1970 दशक के जाने माने अभिनेता तरुण बोस का जन्म 14 सितंबर 1928 को कलकत्ता अब…
हिंदी दिवस
14 सितंबर 2025 हिंदी दिवस पर विशेष। हिंदी शब्द है हमारी आवाज का हमारे बोलने का जो की हिन्दुस्तान मैं…
The Biologist Who Helped Investigate Bacteria
Hans Christian Joachim Gram was a Danish bacteriologist noted for his development of the Gram stain, still a standard technique to classify bacteria and make…
साइड एक्टर ही बन कर रह गए थे
सतेंद्र कुमार खोसला (28 अक्टूबर, 1938, गुरदासपुर, पंजाब, ब्रिटिश भारत) ने फिल्मों में कॉमिक किरदार निभाए हैं। बीरबल हमेशा अपनी…
अभि भट्टाचार्य
अभि भट्टाचार्य (20 नवंबर 1921 – 11 अगस्त 1993) हिंदी और बंगाली सिनेमा के अभिनेता थे , जिन्हें 1950 और…
मुक्तिबोध के बहाने
(13 नवंबर 1917 – 11 सितंबर 1964) जगदीश्वर चतुर्वेदी। नामवर सिंह निर्विवाद रूप से सबसे बड़े आलोचक हैं। लेकिन आलोचना…
फ़्रांस में उनका निधन हो गया था
जे.पी. परेरा- कोंकणी अभिनेत्री मोहना कैबरल ने रंगमंच और हिंदी फिल्मों में समान रूप से सहजता से काम किया। उन्होंने…