हिंदी और हिंदुत्व के पुरोधा थे वैदिक जी
स्मृति शेष- राकेश अचल- वेद प्रताप वैदिक के आकस्मिक निधन से ऐसा लगा जैसे अचानक आसमान से कोई तारा टूट…
भीड़ से जुदा
स्मृति शेष- राकेश अचल- वेद प्रताप वैदिक के आकस्मिक निधन से ऐसा लगा जैसे अचानक आसमान से कोई तारा टूट…