हाय ! मंहगाई मंहगाई..मंहगाई
राकेश अचल-मुझे अपनी मूर्खता पर जब हँसी आती है ,तब जोर से आती है. मुझे चौथेपन में पता चला कि…
भीड़ से जुदा
राकेश अचल-मुझे अपनी मूर्खता पर जब हँसी आती है ,तब जोर से आती है. मुझे चौथेपन में पता चला कि…
राकेश अचल- सियासत की बात करने से गालियां खाना पड़तीं हैं लेकिन मंहगाई की बात करने से कौन सा पदम्…