गमगीन माहौल में यौम ए आशूरा का जुलूस
स्वप्निल संसार। लखनऊ। क्या बूढ़े क्या बच्चे, क्या औरतें क्या आदमी हर एक की आंखे थी नम और ज़ुबान पर था…
भीड़ से जुदा
स्वप्निल संसार। लखनऊ। क्या बूढ़े क्या बच्चे, क्या औरतें क्या आदमी हर एक की आंखे थी नम और ज़ुबान पर था…