सिविल सिटिज़न प्रोटेस्ट स्वप्निल संसार। लखनऊ। अदीब वॉल्टर। महिलाओं पर बढ़ते, अत्याचार, शोषण व यौन उत्पीड़न जैसी बड़ रही घटनाए कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रही हैं वहीं मासूमों के साथ हो रही रेप घटनाओं से देश की महिलाओं व लड़कियों में डर सा बैठ गया है । बलात्कारियों के खिलाफ सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम उठते ना देख पूरे देश भर में बलात्कारियों को सजा दिलाने को लेकर संस्थाएं व दलों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस कड़ी में लखनऊ स्थित गांधी प्रतिमा पर सिविल सिटीजन व तमाम संस्थाओं के द्वारा कैंडल मार्च निकाला गया और रेप पीड़ितों को न्याय दिलाने के मकसद से शांतिपूर्वक प्रदर्शन जारी रहा, रविवार के इस प्रदर्शन मार्च में कठुआ कांड की रेप पीड़िता आसिफ़ा मुख्य रही।

वर्तमान समय में कठुआ रेपकांड पूरे देशभर में सुर्खियों मे बना हुआ है पूरा देश इस घटना को पूरी विश्वसनीयता से देख रहा है वही पीड़ितों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से गांधी प्रतिमा से गवर्नर हाउस तक कैंडल मार्च निकाला गया इसी कड़ी में समाज सेवी ताहिरा हसन ने कहा सिविल सिटीजन की तरफ से यह प्रोटेस्ट किया गया है जिसमें प्रदेश के संवेदनशील लोगों ने शामिल होकर गवर्नर हाउस तक कैंडल मार्च निकाला और बताया देश का माहौल इतना बिगड़ चुका है कि 8 साल की बच्ची का किडनैप हो जाता है उसके बाद उस का सामूहिक बलात्कार किया जाता है फिर उसे मार दिया जाता है इसके बाद बच्ची की लाश को दफनाने के लिए उसके पारिवारिक कब्रिस्तान में ही ले जाया जाता है पर लाश को दफन नहीं करने दिया जाता है और पीड़िता के घरवालों को 7 किलोमीटर दूर जाकर बच्ची की लाश को दफन करना पड़ता है जो पूरी मानवता और लोकतंत्र पर हमला है साथ ही कहा बीजेपी के नेता बलत्कारियो को बचा रहे हैं और जब कानून बनाने वाले ही ऐसा करेंगे तो देश का क्या होगा अभी सूरत में भी 9 साल की बच्ची के साथ रेप की घटना हुई महिलाओं और बच्चियों के साथ लगातार ऐसी घटनाएं बढ़ रही है जिसकी वजह कन्विक्शन रेट बहुत कम है 1975 में कन्विक्शन रेट 61 परसेंट था पर ऐसा क्या हुआ कि 2011 आते आते कन्विक्शन रेट 23 परसेंट हो गया है ।

जहाँ हज़रतगंज में कैंडल मार्च निकला गया तो वही दूसरी तरफ गांधी प्रतिमा स्थल पर युवाओं , रचनाकारों और संस्कृति कर्मियों द्वारा संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में युवाओं ने एवं सांस्कृतिक रूप से सक्रिय लोगों ने हाल में ही हुए कठुआ एवं उन्नाव में हुई यौन हिंसा एवं बर्बर कृत्यों को परिदृश्य में रखते हुए काव्यपाठ किया। आसिफ़ा के लिए इंसाफ़ की मांग करते और नारी की अस्मिता पर हो रहे लगातार हमलों के ख़िलाफ़ पोस्टर लिए युवाओं ने लोगों को जागरूक करने के लिए अपने अपने विचार व्यक्त किए।

उपस्थित लोगों में रंगकर्मी सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता रूपरेखा वर्मा, दीपक कबीर , वीना राणा, RJ मनीषा, रफत फ़ातिमा, क्राइस्ट चर्च स्कूल की टीचर रोजबेल पॉल और एलपीसी के टीचर सलमान खान मौजूद रहे। कार्यक्रम का अंत आयोजन स्थल पर ही मोमबत्तियां एवं मशालें जलाकर गीत “नफ़स नफ़स कदम कदम” और ” तू ज़िंदा है तो ज़िन्दगी की जीत पर यकीन कर” के साथ हुआ।

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