स्वप्निल संसार,लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि बुन्देलखण्ड की धरती के प्रति मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इतने संवेदनशील है कि वे स्वयं दो बार वहाँ जाकर गरीबों और किसानों को खाद्य सामग्री के पैकेट वितरित कर आए हैं। उनकी प्यास बुझाने के लिए 402 टैंकर लगाए गए हैं। समाजवादी सरकार अपने संसाधनो से बुन्देलखण्ड के लोगो को ज्यादा से ज्यादा राहत पहुँचाने के लिए कृत संकल्प है। लेकिन जिन्हें हर चीज में खोट देखने की आदत हैं, दृष्टिदोष के शिकार ऐसे विपक्षी बुन्देलखण्ड की त्रासदी को भी राजनीतिक रुप से भुनाने और सरकार के विरुद्ध दुष्प्रचार करने से बाज नही आ रहे हैं।
कैसी विडंबना है कि समाजवादी सरकार जहाँ अपने साधनो से बुन्देलखण्ड में अभाव की स्थितियों से निबट रही है वही केन्द्र की भाजपा सरकार ने झूठी वाहवाही लूटने के लिए बिना पानी की ट्रेन भेजकर जनता के साथ क्रूर मजाक करने से भी संकोच नही किया। इधर बसपा, कांग्रेस और भाजपा के नेता भी मैदान में कूद पड़े हैं और चुनावी माहौल बना रहे हैं। गरीब की भूख-प्यास पर सियासत करने वालो की मानवीयता इतनी गिर गई है कि वे खुद राहत कार्यो में सहयोग देने के बजाय राहत के प्रयासों में ही अवरोध पैदा करने में लग गए हैं।
विपक्षी दलों, विशेषकर भाजपा को बुन्देलखण्ड पर सियासी रोटियाँ सेंकने से पहले वहाँ की स्थिति का जायजा तो ले लेना चाहिए था। बुन्देलखण्ड के जलाशयों में पर्याप्त पानी है। समस्या इस पानी को लोगो तक पहुँचाने की है जो दूर-दराज के गाँवों में रहते हैं। राज्य सरकार ने इसके लिए पर्याप्त व्यवस्थांए की है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केन्द्र सरकार से पेयजल आपूर्ति के लिए 10 हजार टैंकरों की माँग की है लेकिन केन्द्र सरकार यह माँग पूरी करने के बजाय बिना पानी की ट्रेन की राजनीति कर रही है।
बुन्देलखण्ड में सूखा प्रभावित क्षेत्रों के पीडि़तो को अब हर महीने 59.200 किग्रा0 राहत सामग्री मिलेगी। इसमें एक किलो चीनी, 01 किलो नमक और 200 ग्राम हल्दी तथा 10 किलो चावल के साथ 10 किलो आटा, 5 किलो चने की दाल, 25 किलो आलू, 05 किलो सरसों का तेल, 01 किलो पराग का देशी घी तथा 01 किलो दूध का सूखा पाउडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मनरेगा में रोजगार और पशुओं को भूसा उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था है। समाजवादी पेंशन योजना से भी गरीब परिवारों को मदद देने की कोशिश हो रही है। पेयजल हेतु ट्यूबवेल रिबोर किये जा रहे है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के विकास का नया एजेंडा देकर इसकी अग्रणी राज्यों में गिनती कराने का ऐतिहासिक प्रयास किया है। वे स्वयं किसान परिवार से हैं और किसानों का दर्द बखूबी समझते हैं। उन्होंने वहाँ राहत के काम में अधिकारियों को कोताही न होने देने के लिए कड़े निर्देश दे रखे हैं। जब तक बुन्देलखण्ड में सूखा रहेगा तब तक अथवा चार माह तक समाजवादी राहत सामग्री प्रति माह वितरित होती रहेगी।

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