एजेंसी।नई दिल्ली:भारत देश के सबसे बड़े मेडिकल संस्थान एम्स में एक नर्स की डिलवरी के दौरान हुई मौत के बाद उठा विवाद अभी तक थमा नही है । पहले तो नर्स एसोसिएसन के धरना हड़ताल के बाद एम्स प्रशासन ने 5 डॉक्टरों को निलंबित कर दिया और मामले की जाँच के लिए एक टीम का गठन कर दिया फिर जब 6 तारीख को रेजिडेंट डॉक्टरों ने हंगामा किया तो एम्स प्रशासन ने सभी 5 डॉक्टरों का निलंबन रद्द कर लंबी छुट्टी पर भेज दिया।लेकिन रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि नर्स एसोसिएसन के दबाव में आकर एम्स प्रशासन ने अपना पुराना फैसला दुबारा लागु करते हुए सभी 5 डॉक्टरों को दुबारा निलंबित कर दिया। इस वजह से मंगलवार को फिर एक बार रेजिडेंट डॉक्टर डायरेक्टर के ऑफिस के बाहर जमा हो गए है और इमरजेंसी को छोड़ बांकी सभी सुविधाएं फ़िलहाल बंद कर दी है जिस वजह से नये मरीज़ भर्ती नही हो पा रहे है। रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि अगर एम्स प्रशासन ने सभी 5 डॉक्टरों का निलंबन तुरंत रद्द नही करता है तो एम्स को पूरी तरह से शटडाउन कर दिया जायेगा और इमरजेंसी सेवा भी नही चलने दी जायेगी।

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