एजेंसी।चेन्नई:तमिल नाडु विधान सभा में शनिवार का दिन काफी हंगामेदार रहा।शोर-शराबे के बीच व विपक्षी विधायकों को सदन से निकालने के बाद मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने आखिरकार अपना बहुमत साबित कर दिया।श्री पलानीस्वामी ने ध्वनिमत से विश्वास मत जीता और उन्हें 122 विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ।वैसे तो राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पलानीस्वामी को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन के समय दिया था परंतु श्री पलानिस्वामी को ही अपना बहुमत साबित कर दिया।
इससे पहले विधानसभा में विपक्षी दलों द्वारा गुप्त मतदान की मांग की गयी जिसको लेकर विधान सभा में जोरदार हंगामा हुआ।विधान सभा की कार्यवाही शुरू होते ही पलानीस्वामी ने बहुमत साबित करने के लिए सरकार की ओर से प्रस्ताव पेश किया जिसके बाद विपक्ष के नेता एम.के.स्टालिन ने उनके साथ तीखी नोकझोंक की और विधानसभा अध्यक्ष पी.धनपाल से गुप्त मतदान कराने का निवेदन किया।
विधान सभा अध्यक्ष ने बताया कि विधायक उनके काम में दखलंदाजी नहीं कर सकते।स्टालिन ने इस बात पर भी प्रश्न किया कि जब राज्यपाल सी.विद्यासागर राव ने बहुमत साबित करने के लिए मुख्यमंत्री पलानीस्वामी को 15 दिनों का वक्त दिया है तो फिर इतनी जल्दबाज़ी क्यों?इस बीच मुख्यमंत्री के समर्थक विधायक शांत रहे,लेकिन द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) विधायक नारेबाजी करने लगे।डीएमके विधायकों ने विधान सभा के एजेंडा पेपर को भी फाड़ दिया और कुर्सियों को इधर-उधर फेकने लगे।हंगामे के बीच विधान सभा के गेट बंद कर दिए गए और मीडिया गैलरी का ऑडियो भी बंद हो गया।हंगामे के चलते दो बार कार्यवाही स्थगित भी करनी पड़ी।

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