एजेंसी।बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के नतीजे बताते है की देश की सबसे अमीर नगरपालिका पर शिवसेना का दबदबा अभी भी कायम है।227 सीटों में से 226 सीटों के नतीजे आ गए हैं।84 सीटें जीतने के साथ शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और मुंबई के गढ़ को बचाने में उसने कामयाबी हासिल की है।वहीं महाराष्ट्र सरकार में सहयोगी भाजपा के खाते में 81 सीटें आई हैं।लेकिन इस चुनाव में शिवसेना के शानदार प्रदर्शन के बावजूद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे खुश नहीं है।बहुमत ना मिलने से उनके मंसूबों पर भी पानी फिर गया है।
शिवसेना के लिए चुनाव नतीजे इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में उसके और भाजपा के रिश्तों में दरार आ गयी है।शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हाल ही में कई बार भाजपा पर हमला बोला। अब उनके पास दो ही विकल्प बचे है।या तो शिवसेना भाजपा का दामन थामे या फिर उसको कांग्रेस पार्टी के साथ हाथ मिलाना होगा।यदि कांग्रेस की 31 सीटें शिवसेना के साथ आ जाती हैं तो दोनों पार्टियों का गठबंधन बहुमत के लिए जरूरी 114 से एक सीट ज्यादा यानी 115 तक पहुंच जाएगा लेकिन कांग्रेस से हाथ मिलाना उद्धव के लिए उस पूरी राजनीति को नकारना होगा जो वो अपने जन्म के वक्त से करती आई है।
वही बीएमसी में खराब प्रदर्शन के चलते कांग्रेस को महज 30 सीटें मिली हैं।नतीजों को देखते हुए कांग्रेस की मुंबई इकाई के अध्यक्ष संजय निरुपम ने अपना इस्तीफा दे दिया है।

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