पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ली 26वें सीएम के रूप में शपथ, सिद्धू बने कैबिनेट मंत्री
सिद्धू बने कैबिनेट मंत्री
एजेंसी। चंडीगढ़: मोदी लहर के बीच कांग्रेस के लिए जीत का परचम लहराने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह गुरुवार को पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. दस साल बाद पंजाब में कांग्रेस की वापसी हुई है और अमरिंदर पंजाब के 26वें मुख्यमंत्री बन गए हैं. विधानसभा चुनाव में मोदी लहर में जब बड़े बड़े निपट गए तब पंजाब में कैप्टन कांग्रेस के लिए नई उम्मीद लेकर आए, अकाली और बीजेपी गठबंधन के अलावा पहली बार पंजाब का चुनाव लड़ रहे केजरीवाल की पार्टी को भी धूल चटा दी और कांग्रेस को भारी जीत दिलाई, अब कैप्टन ने दूसरी बार पंजाब की कमान संभाली है. यह दूसरी बार है जब अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. इससे पहले वह 2002 से 2007 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे.

अमरिंदर की कैबिनेट में शामिल  चेहरे-

ब्रह्मा मोहिंद्रा ने ली मंत्रिपद की शपथ. ब्रह्म मोहिंद्रा पटियाला देहात सीट से विधायक हैं. मोहिंद्रा पुराने कांग्रेसी हैं और पार्टी का हिंदू चेहरा हैं.नवजोत सिंह सिद्धू ने भी मंत्रीपद की शपथ ली है. चुनाव से ठीक पहले सिद्धू कांग्रेस में आए थे. सिद्धू इससे पहले बीजेपी में थे और अमृतसर से सांसद थे, लेकिन अकाली दल से मतभेद की वजह से उन्होंने चुनाव से दो महीने पहले बीजेपी छोड़ दी और चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में आ गए.पहली बार सिद्धू ने अमृतसर ईस्ट से विधानसभा का चुनाव लड़ा और बड़ी जीत दर्ज की.
मनप्रीत सिंह बादल ने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली है. मनप्रीत बादल प्रकाश सिंह बादल के भतीजे हैं. सुखबीर बादल से मतभेद की वजह से अकाली दल छोड़कर मनप्रीत ने पहले अपनी पार्टी बनाई फिर कांग्रेस में शामिल हो गए. चुनाव से पहले कैप्टन अमरिंदर ने मनप्रीत को वित्त मंत्री बनाने की बात कही थी. अकाली दल की सरकार में भी मनप्रीत वित्त मंत्री रह चुके हैं. इस बार मनप्रीत बठिंडा से चुनाव जीते हैं वो कुल पांच बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं.साधु सिंह धर्मसोत ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. साधु सिंह धर्मसोत पार्टी के दलित चेहरा हैं और नाभा से विधायक हैं, जब दस साल तक कांग्रेस पंजाब की सत्ता से बाहर रही तब भी साधु सिंह धर्मसोत चुनाव जीतते रहे.
तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. बाजवा फतेहगढ़ चूड़ियां इलाके से चुनाव जीते हैं. इन्होंने अकाली दल के बड़े नेता निर्मल सिंह कहलों को लगातार दूसरी बार चुनाव में हराया है. बाजवा पंजाब के माझा इलाके से आते हैं.राणा गुरजीत सिंह ने भी मंत्री पद की शपथ ले ली है. राणा गुरजीत कपूरथला से कांग्रेस के विधायक हैं और अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते हैं. राणा गुरजीत पंजाब के बड़े कारोबारी हैं.चरणजीत सिंह चन्नी ने भी कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली है. चन्नी पिछली बार विधानसभा में विपक्ष के नेता थे, पार्टी के दलित चेहरा हैं और चमकौर साहिब से विधायक चुने गए हैं.अरुणा चौधरी ने भी आज मंत्री पद की शपथ ली है. अरुणा पंजाब के माझा इलाके की दीनानगर सीट से विधायक हैं. महिला कोटे में इन्हें राज्य मंत्री का पद दिया जा रहा है.रजिया सुल्ताना को भी अमरिंदर कैबिनेट में जगह मिली है. रजिया पार्टी की मुस्लिम चेहरा हैं. पिछली बार चुनाव हार गई थीं लेकिन इस बार मलेरकोटला से विधायक बनी हैं.
खबर ये भी है कि राणा कंवर पाल सिंह को विधानसभा का स्पीकर बनाया जा सकता है. राणा कंवर पाल सिंह आनंदपुर साहिब से चुनाव जीते हैं. इस बार के विधानसभा चुनाव में कैप्टन के आगे किसी की नहीं चली. सत्ता विरोधी लहर में अकाली-बीजेपी गठबंधन की बुरी तरह हार हुई और पहली बार पंजाब का चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी भी कोई कमाल नहीं कर पाई.

सत्ता विरोधी लहर पर सवार होकर कांग्रेस दस साल के अंतराल के बाद पंजाब में सत्ता में आयी है. उसने विधानसभा की 117 सीटों में से 77 सीटों पर कब्जा जमाया. वहीं सत्तारूढ़ शिअद-बीजेपी को 18 सीटें मिली. इसके अलावा पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरी आप ने 20 सीटें जीतीं जबकि दो सीटें नयी पार्टी और आप की सहयोगी लोक इंसाफ पार्टी को मिली.विधानसभा चुनाव में कैप्टन के चेहरे पर ही कांग्रेस ने चुनाव लड़ा था.

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