एजेंसी।नई दिल्ली:शनिवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता तथा जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के आते रुझानों को देखकर करा गया उनका विश्लेषण आखिरकार मतगणना समाप्त होते होते सत्य साबित हुआ।उन्होंने कहा था कि उप्र में भारतीय जनता पार्टी के नाम की ‘सुनामी’ दिख रही है, और इसे छोटे-से तालाब में उठने वाली लहर न समझा जाए।उन्होंने इसके साथ ही विपक्षी पार्टियों को वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बारे में भूलकर वर्ष 2024 के आम चुनाव की तैयारियां शुरू करने की भी सलाह दी।मतगणना समाप्त होने के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अप्रत्याशित नतीजों ने उमर अब्दुल्ला की बात की पुष्टि कर दी।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि देशभर में कोई ऐसा नेता नहीं है,जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दे सके और न ही कोई ऐसी पार्टी है, जो 2019 में बीजेपी को लोक सभा चुनावों में चुनौती दे सके।जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को ‘केवल आलोचना करने के बजाय एक सकारात्मक विकल्प’ के रूप में अपनी रणनीति बदलने की ज़रूरत है और अन्य राज्यों के नतीजे यह उम्मीद जगाते हैं कि बीजेपी अपराजेय नहीं है।माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर एक के बाद एक किए कई ट्वीट्स में उमर अब्दुल्ला ने कहा, “संक्षेप में, देशभर में आज ऐसा कोई नेता नहीं है, जो 2019 में मोदी और बीजेपी का मुकाबला कर सके, ऐसे में हमें 2019 को शायद भूल जाना चाहिए और 2024 की तैयारी शुरू करनी चाहिए, ” उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा, “लगभग सभी विशेषज्ञों-विश्लेषकों ने उत्तर प्रदेश में इस लहर को कैसे छोड़ दिया? यह सुनामी है, न कि एक छोटे-से तालाब में उठी लहर” उन्होंने कहा, “पंजाब, गोवा और मणिपुर से निश्चित तौर पर यह संकेत मिलेगा कि बीजेपी अपराजेय नहीं है,बल्कि आलोचना से सकारात्मक विकल्प की ओर रणनीति बदलने की ज़रूरत है मैंने पहले भी कहा है और फिर कहूंगा कि मतदाताओं को एक वैकल्पिक एजेंडा देने की ज़रूरत है, जो इस पर आधारित हो कि हम बेहतर करेंगे। “

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