लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर होता है। अगर धर्मस्थलों से आवाज पर रोक की बात है तो किसी भी धर्मस्थल से आवाज नहीं आनी चाहिए। अगर ईद को सड़क पर नमाज पढ़ी जा सकती है तो कांवड़ यात्रा में माइक, डीजे पर रोक लगाकर इसे क्यों शवयात्रा बनाने चाहते हैं। हमने ऐसा नहीं होने दिया।

उन्होंने कहा कि सड़क पर नमाज पढ़ी जानी चाहिए लेकिन कानून के तहत। खुद को यदुवंशी कहने वालों ने थानों में जन्माष्टमी पर रोक लगाई थी लेकिन हमने थानों और पुलिस लाइन में मनाने के आदेश दिए। सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही अवैध बूचड़खानों पर प्रतिबंधत लगाया।

योगी बुधवार को कन्वेंशन सेंटर में लखनऊ जनसंचार एवं पत्रकारिता संस्थान और प्रेरणा जनसंचार संस्थान नोएडा की ओर से आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। कहा कि हमें राम और कृष्ण की परंपरा पर गर्व करने वाला भारत चाहिए। इसके लिए इतिहास को समग्रता में बताना होगा।

उस इतिहास को भी जब भारत बल, बुद्धि और विद्या में सिरमौर था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि संवाद दूसरे को जीतने का प्रभावी जरिया है। संवाद के तरीके भले-भले अलग-अलग रहे हों पर इसकी अहमियत हरदम रही है। बढ़ती साक्षरता के साथ मीडिया की पैठ और पहुंच बढ़ी है।

सोशल मीडिया ने इसे और व्यापकता दी है, पर आज की मीडिया में प्रचार अधिक संवाद कम हुआ है। संवाद की कमी के नाते कभी-कभी सच सामने नहीं आ पाता। मीडिया के अधिक अधिकार संपन्न होने से सवाल भी उठने लगे हैं। ऐसे में उसे स्वनियंत्रण पर भी गौर करना चाहिए। सबको आईना दिखाने वालों को खुद भी आईना देखना चाहिए। देश और समाज के हित में यह जरूरी है।

खामोश रहे तो केरल में जारी रहेंगी हत्याएं

अद्वेता काला ने कहा कि केरल में संघ के कार्यकर्ताओं की हत्याएं नियोजित और बर्बर हैं। गोरक्षा अगर वाशिंगटन टाइम्स में मुद्दा बन सकता है तो केरल की हत्याएं क्यों नहीं। इसके पीछे हमारी खामोशी है। फिलहाल मैं खामोश रहने वाली नहीं।

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