स्वप्निल संसार। लखनऊ के S.S.P दीपक कुमार ने बताया की जब तक कोई ब्लू वेहल को डाउनलोड नहीं करता वह उसमे फंस नहीं सकता है ऐसे में बच्चों के माँ बाप को इस मामले में सतर्कता बरतनी होगी और साथ ही साथ यह भी देखना होगा की बच्चे फ़ोन या इंटरनेट पर क्या कर रहे है। S.S.P. ने कहा की अभी तक लखनऊ में कोई भी बच्चा शिकार नहीं हुआ है।

 लिंक में देखें S.S.P. का बयान। 

क्या है ब्लू व्हेल गेम और ये होते हैं चैलेंज।
यह इंटरनेट पर खेला जाने वाला गेम है, जो दुनियाभर के कई देशों में उपलब्ध है। इस गेम को खेलने वाले शख्स के सामने कई तरह के चैलेंज रखे जाते हैं। ये सभी चैलेंज 50 दिन के अंदर पूरे करने होते हैं। इसमें अंतिम चैलेंज के रूप में आत्महत्या को रखा गया है। द ब्लू व्हेल गेम को फिलिप बुडेकिन ने साल 2013 में बनाया था। रूस में आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं के बीच उसे गिरफ्तार किया गया और बाद में फिलिप को जेल की सजा हो गई। इंटरनेट पर खेले जाने वाले इस गेम में 50 दिन तक रोज एक चैलेंज बताया जाता है। हर चैलेंज को पूरा करने पर हाथ पर एक कट करने के लिए कहा जाता है। चैलेंज पूरे होते-होते आखिर तक हाथ पर व्हेल की आकृति उभरती है। चैलेंज के तहत हाथ पर ब्लेड से एफ-57 उकेरकर फोटो भेजने को कहा जाता है। हॉरर वीडियो या फिल्म देखने के लिए चैलेंज है। हाथ की 3 नसों को काटकर उसकी फोटो क्यूरेटर को भेजना भी एक चैलेंज है। ऊंची से ऊंची छत पर जाने को इस गेम में कहा जाता है। व्हेल बनने के लिए तैयार होने पर अपने पैर में ‘यस’ उकेरना होता है। तैयार होने पर खुद को चाकू से कई बार काटकर सजा देना भी चैलेंज का हिस्सा है। सभी चैलेंज पूरे करने वाले को खुदकुशी करनी पड़ती है।

लिंक खोल कर देखें S.S.P का बयान। 

https://youtu.be/8CD-VdQ-mBQ

 

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