किया जा रहा है आस्था से खिलवाड़ लखनऊ।स्वप्निल संसार। संजोग वॉल्टर । लखनऊ क्रिश्चयन बरियल बोर्ड के मौजूदा पदाधिकारी भी बोर्ड के अतीत से परिचित तो है पर उसमें सुधार या पीछा छुड़ाने के लिए कतई तैयार नहीं है । इतने बड़े,,पदाधिकारी हैं मोबाईल फोन बंद रखते हैं और जिनके मोबाईल फोन खुले रहते हैं वो पलट कर फोन करने की जहमत भी गवारा नहीं करते है की चलो देख लें किसने फोन किया था ?

माल एवेंयू  गोरा कब्रिस्तान

लखनऊ क्रिश्चयन बरियल बोर्ड के द्वारा लखनऊ में दो कब्रिस्तानों का संचालन किया जाता है पहला है माल एवेंयू में जिस गोरा कब्रिस्तान भी कहा जाता है जहाँ कभी सिर्फ अंग्रेज़ फौजी ही दफ़न किये जाते थे।

निशात गंज स्थित कब्रिस्तान

दूसरा है निशात गंज स्थित कब्रिस्तान जो आम ईसाईयों के लिए था और इसकी स्थापना थी हुई 1874 में।
ईसाई धर्म के अनुसार पक्की कब्रों को पलटा नहीं जा सकता है इसी लिए ज्य़ादातर कब्रों पर फरिश्तों की प्रतिमा भी लगाईं जाती है। मृतक के परिजन कब्र पर आए और मृतक आत्मा को याद करें पर जब कब्र ही नहीं होगी तो किसे याद करें ?
ऐसा ही एक सनसनी खेज मामला लखनऊ के निशात गंज स्थित कब्रिस्तान में सामने आया जब इस संवाददाता ने अपने परिचित के दफ़न होने के वक्त इस मामले को देखा,1905 की पुरानी कब्र को खोद कर उसमें ही दफना दिया। दुःख की इस घडी में शामिल लोगों ने हैरानी जताई। वरिष्ठ छायाकार एरिक सिरिल थॉम्पसन का कहना था की यह दुःख का विषय है किसी की भी कब्र के साथ छेड़छाड़ न की जाये।

उत्तर प्रदेश मसीही संघटन के प्रदेश सचिव राकेश चत्री कहते है इस मामले की जाँच क्रिश्चयन के पदाधिकारीयों करें व उनका यह भी कहना था वे गुरुवार को लखनऊ क्रिश्चयन बरियल बोर्ड के पदाधिकारीयों के समक्ष इस मामले को रक्खेंगे।
उधर लखनऊ के निशात गंज स्थित कब्रिस्तान के केयर टेकर ने इस मामले की शिकायत किये जाने पर कोई उत्तर नहीं दिया। क्रिश्चयन बरियल बोर्ड के पदाधिकारीयों के नाम यहाँ नोटिस बोर्ड पर सिर्फ देखने भर के हैं लखनऊ क्रिश्चयन बरियल बोर्ड के अध्यक्ष रेव्ह-डैनियल सुबहान मोबाईल फोन बंद था व बरियल बोर्ड के सचिव कर्नल सुधीर नेथन ने फोन नहीं उठाया।
इस मामले पर उत्तर प्रदेश फिजिकल एजुकेशन वेलफेयर एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष जे जे जोजफ कहते है की जो पुरानी कब्र है तो उसे वैसा ही रहने दिया जाये और इन कब्रिस्तानों को बंद करके नए स्थान की खोज करें। कब्र पलटने की यह खबर दुखदायी है और यह तो न धर्म सम्मत है और न विधि सम्मत, लखनऊ क्रिश्चयन बरियल बोर्ड इस मसले पर तुरंत अपनी बैठक आहूत करे। कब्र को नहीं पलटना चाहिए क्योंकि वो जगह मृतक के नाम से खरीदी गयी है।
अब देखना यह है लखनऊ क्रिश्चयन बरियल बोर्ड इस मामले में क्या कार्यवाही करता है ? ऐसा हो नहीं सकता है यह उलट पलट का धंधा उनकी जानकारी में न हो।
यह खुलासा १० अगस्त २०१६ को स्वप्निल संसार ने किया उस वक्त यह वादा किया गया की जल्दी ही इस मामले को देखा जाये। वक्त बीत गया पर लखनऊ क्रिश्चयन बरियल बोर्ड का आस्था से खिलवाड़ लगातार जारी हैं। लखनऊ क्रिश्चयन बरियल बोर्ड क्या कंगाल है ? जो नई जमीन नहीं खरीद सकता ? पदाधिकारी डरपोक हैं जिसके चलते पिछले कई सालों से लखनऊ क्रिश्चयन बरियल बोर्ड की सामान्य सभा का आयोजन भी नहीं किया गया है।
24 अक्टूबर 2017 को एक पुरानी क़ब्र को खोदा गया। 24 अक्टूबर 2017 को पुरानी कब्र का वज़ूद मिटा दिया गया। एक और कब्र बनी देखिये कब यह कब्र कब पलट दी जायेगी। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि मुर्दा है मसीही समाज। नई जमीने खरीदने की औकात नहीं। पुरानी कब्रों को खोद कर रहे है आस्था से खिलवाड़। लखनऊ क्रिश्चचयन बरियल बोर्ड कंगाल है। जागो ! जागो ! जागो ! जागो !

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