मोहसिन रजा ने निकाह के 16 साल बाद रजिस्ट्रेशन के लिए किया था,आवेदन,110 दिनों बाद हुआ रद्द
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मोहसिन रजा ने निकाह के करीब 16 साल बाद तीन अगस्त…
भीड़ से जुदा
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मोहसिन रजा ने निकाह के करीब 16 साल बाद तीन अगस्त…
नई दिल्लीः एजेंसी इनपुट के साथ संजोग वॉल्टर। असम के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्व शर्मा ने अजीबोगरीब बयान दिया है।…
उत्तर प्रदेश पुलिस का झंडा दिवस उत्तर प्रदेश पुलिस को झंडा 23 नवंबर 1952 को दिया गया था पुलिस ध्वज,प्रथम प्रधानमंत्री…
-संजोग वाॅल्टर। गीतादत्त को गुजरे 46 साल हो गये हैं, महज 42 साल की उम्र में दुनिया को उस वक्त…
नई दिल्लीः पसूका : राष्ट्रपति भवन अब जनता के लिए सप्ताह में बृहस्पतिवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार के दिन खुला रहेगा। 23…
लखनऊ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा ने राजधानी लखनऊ में महापौर पद के लिए भाजपा प्रत्याशी श्रीमती संयुक्ता भाटिया…
बदायूं में फाड़े गए बैलेट पेपर, होगी दोबारा वोटिंग स्वप्निल संसार:लखनऊ: उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव के पहले चरण में 52.85…
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय, लखनऊ में । लखनऊः स्वप्निल संसार : ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय, लखनऊ…
स्वप्निल संसार:लखनऊ: गीत-संगीत और जोशीले नारों के साथ समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिंह यादव का…
रूमी दरवाजा से शुरू अभियान से जुड़ कर स्वच्छ हवा के लिए एकजुट हुए नागरिक की मांग रखी स्वप्निल संसार:लखनऊ: सेंटर फॉर एन्वॉयरोंमेंट एंड एनर्जी डेवपलमेंट (सीड) ने सिविल सोसायटी संगठनों के साथ मिल कर शहर के मशहूर स्थल रूमी दरवाजा के पास एक जन जागरूकता अभियान संचालित किया, जिसका मकसद शहर और समूचे राज्य में गंभीर होते वायु प्रदूषण और इससे पैदा जन स्वास्थ्य संकट के प्रति लोगों को सचेत करना था। नागरिक केंद्रित यह पहल सीड के ‘‘100 परसेंटयूपी’’ अभियान की एक कड़ी है, जो एक सततशील पर्यावरण के लिए सर्वांगीण दृष्टिकोण पर बल देती है और राज्य सरकार से अविलंब एक स्वच्छ वायु कार्ययोजना (क्लीन एयर एक्शन प्लान) निर्माणकरने की अपील करती है, जिसमें शहर व राज्य में बदतर होती वायु गुणवत्ता से निबटने के लिए एक प्रभावी, व्यावहारिक और स्वदेशी समाधान समाहित हों। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा रिलीज किये गये एयर क्वालिटी डाटा के अनुसार लखनऊ गत 14 नवंबर को सभी नगरों में सबसे प्रदूषित शहर था और यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स ‘‘बेहदगंभीर’’ केटेगरी में थी, जो दिल्ली से भी ज्यादा रही। शहर की हवा में बेहद सूक्ष्म व बारीक प्रदूषित कण (पर्टिकुलेट मैटर2.5) का संकेंद्रण सुरक्षित सीमा 60 µg/m3 से 7 गुना ज्यादा था, जिसके पीछे यातायात व वाहन जनित प्रदूषण की उच्च स्थिति तथा देश के पश्चिमी भागों में खुले में कृषि अवशेष जलावन से पैदा सीमा पार प्रदूषकों के फैलाव को जिम्मेवार माना गया है। लखनऊ की हवा में पीएम2.5का जमाव बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे श्वास संबंधी और फेफड़े की बीमारियां जैसे, आखों में जलन, गले में पीड़ा, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, हाइपरटेंशन और सांस लेने में तकलीफ पुराने मरीजों के अलावा स्वस्थ लोगों में लगातार बढ़ रही हैं। इन सूक्ष्म प्रदूषित कणों के लंबे संपर्क में रहने से फेफड़े का कैंसर भी हो सकता है। इस मौके पर सीड के हेड-पॉलिटिकल एडवोकेसी मुन्ना झा ने कहा कि ‘केवल दिल्ली ही अकेली समस्याग्रस्त नहीं है। समूचे गंगा के मैदानी …