स्वामी अग्निवेश पर भाजपाई गुंडों का हमला संविधान और सनातन धर्म की परम्परा का अपमान- डॉ. रमेश दीक्षित 
संघ भाजपा हिन्दुस्तान की सर्व धर्म समभाव की मूल आत्मा का गला घोंट रहे है – राकापा 
लखनऊ। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी  ने झारखण्ड में बीती 17 जुलाई को झारखण्ड में जंगल बचाने के सवाल पर आदिवासियों को सम्बोधित करने पहुंचे 80 वर्षीय स्वामी अग्निवेश पर भाजपा के संगठन भाजयुमो के लम्पटों द्वारा हमला किये जाने मारपीट करने और गाली गलौज करने की घटना की सख्त शब्दों में मजामत की है ।

राकापा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमेश दीक्षित ने घटना की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि जबसे भाजपा की सरकार आई असहमति, मत विभिन्नता के नाम पर पूरे देश में गुंडागर्दी चल रहे है । डॉ. रमेश दीक्षित ने कहा कि बुजुर्ग नेता स्वामी अग्निवेश पर कायराना हमला भारत की सर्व धर्म सम्भाव और सनातनी परंपरा के भी खिलाफ है । उन्होंने कहा कि यह घटना भाजपा और संघ  के चाल-चरित्र-चेहरे को उजागर कर देती है। इस घटना पर हम चुप नहीं रह सकते, अब चुप रहना  देश और संविधान के खिलाफ जायेगा । 
डॉ. रमेश दीक्षित ने कहा कि लिंचिंग को सरकारी सरक्षण दे रही है भाजपा सरकारे । डॉ. रमेश दीक्षित ने आगे कहा कि पिछले चार सालो से लगातार ऐसी घटनाएं हो रही रही है जहाँ जहाँ भाजपा की सरकार है पर सरकार में बैठे किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति ने आज तक ऐसी घटना कि न तो निंदा की और न ही ऐसे मामले में कोई सख्त कार्यवाही करके इसको रोकने का प्रयास किया । अलबत्ता ऐसी घटनाओं को संरक्षण ज़रूर दिया गया । उन्होंने आगे कहा कि गौरक्षा के नाम पर देश भर में संघ समर्थित संगठन , उन्मादी भीड़ बनकर कभी मुसलमान तो कभी दलितों की खुलेआम पिटाई करते है । पहलु खान, अख़लाक़, जुनैद गौरी लंकेश और उना व भीमा कोरेगांव के बाद अग्निवेश पर यह हमला यह दिखाता है कि सिर्फ मुसलमान या दलित नहीं बल्कि हिंदुत्ववादी फासीवाद के इस दौर में हर वह शख़्स खतरे में है जो मोदी सरकार और संघ परिवार के आगे नतमस्तक न हो। 

डॉ. रमेश दीक्षित ने आगे कहा कि वर्षो से चली आ रही हमारी सनातनी परंपरा में इस हिंसा का कोई स्थान नहीं है, मूर्तिपूजा तथा आडम्बर का विरोध बुद्ध ने भी किया था, कबीर ने भी और स्वामी दयानंद ने भी किया था ।
 डॉ. रमेश दीक्षित कहा कि कल ही सर्वोच्च न्यायालय ने गोरक्षा के नाम पर भीड़ द्वारा हो रही हिंसा के मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारेां को इसके लिए कानून बनाने की आवश्यकता है। सर्वोच्च न्यायालय ने चार सप्ताह के भीतर दिशा निर्देश जारी करने हेतु कहा है।

वही दूसरी तरफ ह्यूमन राइट्स एडवोकेसी ग्रुप एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें भारतवर्ष के अंदर उत्तर प्रदेश को हेटिंग क्राइम में नम्बर वन बताया हैं उत्तर प्रदेश में हेटिंग क्राइम के साथ रेप क्राइम भी चरम सीमा पर है। रेप के मामले में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है। सरकार इस मामले में आंख पर पट्टी बांधकर बैठी हुई है। आये दिन गोरक्षा के नाम पर सैंकड़ों लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं।

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