ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें
–ज़िन्दगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें ,ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें-अख़लाक़ मुहम्मद ख़ान…
भीड़ से जुदा
–ज़िन्दगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें ,ये ज़मीं चाँद से बेहतर नज़र आती है हमें-अख़लाक़ मुहम्मद ख़ान…