भारत निर्वाचन आयोग 25 जनवरी, 2022 को 12वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मना रहा है।  इस वर्ष के एनवीडी का थीम, ‘समावेशी, सुगम एवं सहभागी निर्वाचन की ओर अग्रसर‘, है, जिसमें निर्वाचनों के दौरान मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को सुविधाजनक बनाने और सभी श्रेणियों के मतदाताओं के लिए पूरी प्रक्रिया को सरल एवं सहज और एक यादगार अनुभव बनाने के लिए ईसीआई की प्रतिबद्धता पर ध्यान केंद्रित करने की संकल्पना है। 

भारत के  उपराष्ट्रपति,  एम. वेंकैया नायडु ने इस राष्ट्रीय समारोह का मुख्य अतिथि बनने के लिए सहमति व्यक्त की है। हालांकि, व्यक्तिगत रूप से इस समारोह में शामिल होने में उनकी असमर्थता के कारण, समारोह के दौरान वर्चुअल रुप से उनका संदेश जाएगा। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री, श्री किरेन रिजिजू सम्मानित अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।

इस अवसर के प्रतीकस्वरूप, राज्य और जिला स्तर के अधिकारियों को आईटी पहल, सुरक्षा प्रबंधन, निर्वाचन प्रबंधन, सुगम निर्वाचन और मतदाता जागरूकता और आउटरीच के क्षेत्र में योगदान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निर्वाचन के संचालन में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्ष 2021-22 के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्वाचकीय प्रथाओं के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। सरकारी विभागों, ईसीआई आइकॉन और मीडिया समूहों जैसे महत्वपूर्ण स्टेकहोल्डरों को भी मतदाता जागरूकता के प्रति उनके बहुमूल्य योगदान के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिए जाएंगे। 

समारोह के दौरान, नव नामांकित मतदाताओं को भी सम्मानित किया जाएगा और उनका निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) सौंपा जाएगा। नए नामांकित मतदाताओं को एक व्यक्तिगत पत्र और एक मतदाता गाइडबुक के साथ एपिक देने के लिए आयोग ने हाल ही में एक नई पहल शुरू की है। 

भारत निर्वाचन आयोग का एक प्रकाशन ‘लीप ऑफ फेथ: जर्नी ऑफ इंडियन इलेक्शंस‘ का विमोचन किया जाएगा। भारत में निर्वाचकीय इतिहास और भारत में प्रतिनिधिक और निर्वाचकीय सिद्धांतों की प्रगति का उन्नीसवीं सदी से इक्कीसवीं सदी तक जैसे-जैसे क्रमिक विकास हुआ, इस पुस्तक में उसका वर्णन है। प्रत्यायित स्रोतों से परिश्रमपूर्वक शोध करके तैयार की गई इस पुस्तक में आधुनिक भारत के निर्माण में निर्वाचनों की महती भूमिका का संदर्भ दिया गया है। यह पुस्तक निर्वाचनों को वास्तव में नागरिकों के जनादेश को प्रतिबिंबित करने हेतु भारत निर्वाचन आयोग के लगातार प्रयासों पर केंद्रित है। 

एक अन्य प्रकाशन ‘प्लेजिंग टू वोट-ए डिकेडल जर्नी ऑफ दी नेशनल वोटर्स डे इन इंडिया‘ का भी शुभारंभ किया जाएगा। इस पुस्तक में हीरक जयंती समारोह के बाद ईसीआई द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह की यात्रा को दर्शाया गया है। देश के मतदाताओं को समर्पित यह प्रकाशन, विशेष रूप से इसकी चित्रात्मक रचना, निस्संदेह उन कर्मियों को प्रेरित करता है जो निर्वाचकीय लोकतंत्र के ‘फ्रंटलाइन वारियर्स‘ के रूप में सेवा करते हैं। 

सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय मतदाता जागरूकता प्रतियोगिता- ‘मेरा वोट मेरा भविष्य- एक वोट का महत्व‘ का भी शुभारंभ किया जाएगा, ताकि मौजूदा विधानसभा निर्वाचन, 2022 के लिए रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रत्येक वोट के महत्व को दोहराया जा सके। प्रतियोगिता सभी के लिए खुली होगी और इसमें गाने, स्लोगन, क्विज, वीडियो मेकिंग और पोस्टर डिजाइन जैसी विभिन्न श्रेणियां होंगी। विजेताओं को आकर्षक नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र प्रदान किए जाएंगे।

भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस, अर्थात 25 जनवरी, 1950 के प्रतीकस्वरूप वर्ष 2011 से पूरे देश में हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता रहा है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस (एनवीडी) समारोह का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से नए मतदाताओं को नामांकन हेतु प्रोत्साहित करना, सुविधा प्रदान करना और इसमें उत्तरोत्तर वृद्धि करना है। देश के मतदाताओं को समर्पित इस दिवस का उपयोग, मतदाताओं के बीच जागरूकता फैलाने और निर्वाचकीय प्रक्रिया में संसूचित भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।

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