‘मेरे मरने की ख़बर छपे तो मुझे अख़बार भेजना मत भूलना
एक लफ्ज़ है – हरफ़न मौला. इस एक लफ्ज़ को अगर किसी नाम में बदला जाए तो एक नाम हो…
भीड़ से जुदा
एक लफ्ज़ है – हरफ़न मौला. इस एक लफ्ज़ को अगर किसी नाम में बदला जाए तो एक नाम हो…
मुबारक साल गिरह संजोग वॉल्टर। पदमा खन्ना 10 मार्च 1949 को बनारस में पैदा हुईं । बनारस शहर से बम्बई तक…