चौधरी अजीत सिंह  राजनीतिज्ञ थे। वो पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पुत्र थे। वे भारत के कृषि मंत्री रहे और वो 2021 से केन्द्र की यूपीए सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री रहे। वो राष्ट्रीय लोक दल के लम्बे समय तक अध्यक्ष रहे। उत्तर प्रदेश के बागपत से सांसद  भी रहे थे। अजित सिंह का जन्म 12 फरवरी 1939 में मेरठ के भडोला गांव में हुआ था। 

अजीत सिंह ने बीएससी, बी॰टेक॰ और स्नातकोत्तर  लखनऊ विश्वविद्यालय, आई आई टी खड़गपुर और प्रौद्योगिकी के इलिनोइस संस्थान, शिकागो (संयुक्त राज्य अमेरिका) से प्राप्त की। उन्हें कृषि और आधुनिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशेष रुचि थी। उन्होंने अमेरिका में 17 वर्षों तक अमेरिकी कम्प्यूटर इंडस्ट्री में कार्य किया। जब पिता चौधरी चरण सिंह की तबियत खराब रहने लगी तो अजित सिंह भारत लौट आए। 1980 में चौधरी चरण सिंह ने उन्हें लोकदल की कमान सौंप दी। यहीं से अजित सिंह ने राजनीति में कदम रखा। अजित सिंह 1986 में पहली बार उत्तर प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे। 1987 में उन्‍हें लोकदल का अध्‍यक्ष बनाया गया और 1988 में जनता पार्टी के अध्‍यक्ष घोषित किए गए। लोकदल उनके पिता द्वारा बनाई गयी  पार्टी है जिसमें मुख्यतः किसानों का बड़ा हिस्सा अनुगमन करता है।

चौधरी अजीत सिंह  ने 1989 में पहली बार लोकसभा चुनाव बागपत सीट से जीता। 1998 में अजित सिंह इस सीट पर बीजेपी के नेता सोमपाल शास्त्री से चुनाव हार गए। इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल  बनाई और 1999 में चुनाव जीत लिया। इसके बाद से वे लगातार 2009 तक इस सीट पर जीतते चले आए। 2014 में उन्हें बीजेपी के सत्यपाल से मात मिली थी। इसके बाद 2019 में उन्होंने मुजफ्फरनगर से लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन हार का सामना करना पड़ा था।

 एक पुत्र एवं दो पुत्रियों के पिता थे। उनके पुत्र जयंत चौधरी 15 वीं लोकसभा के सदस्य थे और उत्तर प्रदेश के मथुरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद रहे । 6 मई 2021  को गुरुग्राम में कोविड-19 से उनकी मृत्यु हो गयी। एजेन्सी। 

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