एजेंसी। अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस /अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस प्रत्येक वर्ष 1 जून को मनाया जाता है। यह दिवस सबसे पुराना अंतर्राष्ट्रीय उत्सव है जो 1950 से मनाया जा रहा है।

इसका उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने की आवश्यकता की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करना है। रूस में आज के दिन अनाथ, विकलांग और ग़रीब बच्चों की समस्याओं की ओर विशेष रूप से लोगों का ध्यान खींचा जाता है। बच्चों को तोहफ़े दिए जाते हैं और उनके लिए विशेष समारोहों का आयोजन किया जाता है।

 इसका उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करना है। इस दिन बच्चों को तोहफे दिये जाते हैं तथा उनके लिये विशेष समारोहों का आयोजन किया जाता है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में करीब 43 लाख से ज़्यादा बच्चे बाल मज़दूरी करते हैं। यूनिसेफ के अनुसार विश्व के कुल बाल मज़दूरों में 12 फीसदी की हिस्सेदारी अकेले भारत की है। भारत में कानून के अनुसार, बाल श्रम कराने पर छह माह से दो साल तक कारावास की सज़ा हो सकती है। 

रूस में अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस पहली बार  1949 में मनाया गया था। इसका निर्णय मॉस्को में अंतर्राष्ट्रीय महिला लोकतांत्रिक संघ की एक विशेष बैठक में किया गया था। 1 जून  1950 को दुनिया भर के 51 देशों में ‘अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस’ पहली बार मनाया गया था। फोटो सोशल मिडिया से

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