(निज संवाददाता) हरदोई।  पुलिस में बढ़ रहे राजनैतिक हस्तक्षेप के कारण पुलिस सिर्फ सत्तारूढ नेताओ की चाटुकार बनकर रह गई है। अब जनपद का पत्रकार भी उनके शोषण का शिकार बनता जा रहा है। जनपद के सत्ता दल के विधायक जहां एक ओर अपनी निधियों को बेचने का काम करे हैं वही अवैध ढंग से ज़मीनों पर भी अवैध कब्जा करने लगे हैं। लेकिन जिला प्रशासन ने इनकी ओर से आँखे बंद कर रखी है। इसलिए इनका इतना हौसला बढ़ता जा रहा कि दबंगई के बल पर नियम कानूनों को भी ताक पर रखकर जो चाहते करने लगे हैं। मल्लावां के दो पत्रकार नवीन तिवारी एवं सुधीर बाजपेई के खिलाफ सिर्फ इसलिए झूठी एवं फर्जी एफआईआर मल्लावां थाने के इंस्पेक्टर ने लिख ली कि उन पर विधायक आशीष सिंह पटेल का प्रेशर था। क्योंकि इन पत्रकारों ने विगत 27 जुलाई को साधन सहकारी समिति गंज जलालाबाद एवं साधन सहकारी समिति बंदीपुर के घोषित भाजपा प्रत्याशी को कैसे चुनाव से हटाकर अपने अपराधी किस्म के प्रत्याशी को गंज जलालाबाद समिति का प्रशासक बना सकें। फलस्वरूप 27 जुलाई को उक्त दोनो साधन सहकारी समितियों के चुनाव निर्वाचन अधिकारी जो मल्लावां ब्लॉक के पंचायत सचिव थे तथा विधायक के भी खास थे।

ब्लॉक में स्थित ब्लॉक प्रमुख के कमरे बैठे विधायक के आदमियों ने जिसमें कुलदीप कटियार भी था निर्वाचन अधिकारियों को बंद कर लिया और जब अन्य प्रत्याशी नामांकन पत्र लेने पहुंचे जिसमें भाजपा के घोषित प्रत्याशी योगेश कटियार भी थे नामांकन पत्र नहीं मिलें। इस घटनाक्रम में खण्ड विकास अधिकारी मूकदर्शक बना रहा तथा अन्य प्रत्याशियों के आक्रोश के कारण लगभग तीन बजे वह भी भाग गए तथा प्रत्याशी भी बिना नामांकन के वापस घर चले गए। फिर 5 बजे के बाद दोनो निर्वाचन अधिकारी प्रगट होकर नियम विरुद्ध निर्विरोध परिणाम घोषित कर विधायक के लगुओं-भगुओं तथा एक अपराधी को प्रशासक घोषित कर दिया। इस किस्म के इस फर्जी चुनाव की डीएम हरदोई से लेकर शासन-प्रशासन से साक्ष्यों सहित शिकायत दर्ज कराई गई तथा इस प्रकरण को प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने बहुत कवर किया था। इसी क्रम में जब गंज जलालाबाद का पंचायत सचिव जो चुनाव अधिकारी बना था।

गंज जलालाबाद आने पर यहाँ के पत्रकार नवीन तिवारी और सुधीर बाजपेई ने गत 27 जुलाई की चुनाव घटनाक्रम के समाचार के लिए उसके कथन का वीडियो बनाकर वायरल किया जिसमें उसने स्वीकार किया था कि मुझे कमरे में बंद कर चुनाव प्रक्रिया को बाधित कराया गया था। इस वायरल वीडियो के कारण ही साधन सहकारी समिति के 27 जुलाई के फर्जी चुनाव कराने की पोल खोलकर रख दी। फलस्वरूप पंचायत सचिव रामकिशोर से मारपीट की फर्जी तहरीर दिलाकर पत्रकारों के खिलाफ मल्लावां थाने की विधायक की गुलाम पुलिस ने अपराध सं 0323/ 17अगस्त 2023 धारा 34,353,352,323,504,506 दर्ज कर जांच कर रही है।

इस संबंध में उक्त घटनाक्रम का संज्ञान लेते मल्लावां-हरदोई के पत्रकारो पर हुई फर्जी एफआईआर की उच्च स्तरीय जांच के लिए गत 27 जुलाई के चुनावी घटनाक्रम से लेकर 17 अगस्त के वीडियो बनाने के सभी साक्ष्यों सहित राष्ट्रीय पत्रकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश दीक्षित ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई से अपनी शिकायत दर्ज करायी है कि हरदोई के पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर को निरस्त कर तथा फर्जी एफआईआर दर्ज कराने वालों के साथ ही पुलिस को भी दंडित किया जाए।

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