मुम्बई।एजेन्सी। स्वप्निल संसार। जूनियर महमूद का निधन हो गया है। जूनियर महमूद पिछले कई दिनों से कैंसर की जंग लड़ रहे थे। 250 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले जूनियर महमूद से हाल में ही जॉनी लिवर, सचिन पिलगांवकर और जितेंद्र पहुंचे थे।

मोहम्मद नईम उर्फ़ जूनियर महमूद महमूद लंग्स और लीवर के कैंसर से जूझ रहे थे। हाल में ही उनकी आंत में भी ट्यूमर की शिकायत आई थी। वह चौथे स्टेज के कैंसर से लड़ रहे थे। बीती रात जूनियर महमूद ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

जूनियर महमूद के दोस्त सलाम काजी का कहना है कि जूनियर महमूद ही तदफीन शुक्रवार को करीब 12 बजे तक होगी ।

जूनियर महमूद का असली नाम मोहम्मद नईम है। उन्हें नाम महमूद ने दिया था । जूनियर महमूद ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट करियर की शुरुआत की थी। वह 265 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके थे।

मोहम्मद नईम (15 नवंबर 1956) जिन्हें महमूद जूनियर के नाम से जाना जाता है, फिल्म अभिनेता, गायक और मराठी फिल्म निर्देशक थे।   जी. पी. सिप्पी की “ब्रम्हाचारी” (1968) ,के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। तब से वह सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ते गए और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।  बी. नागिरेड्डी की “घर घर की कहानी” के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था।
अब तक उन्होंने 7 अलग-अलग भाषाओं में 265 फिल्मों में अभिनय किया है और 6 मराठी फिल्मों का निर्माण और निर्देशन भी किया है। जूनियर महमूद को  कार्यक्रम आयोजक के रूप में भी जाना जाता है, वह कार्यक्रम, कॉमेडी शो, स्टार नाइट्स, पार्टियों आदि का आयोजन करते थे। मिथुन और रीना रॉय को लेकर किस्मत की बाजी  फिल्म का निर्माण किया।  1981 जो कभी रिलीज़ नहीं हो सकी।

दो बहनें और तीन भाई हैं। बड़े भाई फिल्म सेट पर स्टिल फोटोग्राफी करते थे। जॉनी वॉकर अभिनीत बंद पड़ी फिल्म ‘कितना नाज़ुक हैं दिल’ के सेट पर थे। एक बाल कलाकार लगातार अपनी पंक्तियाँ गलत बोल रहा था। मोहम्मद नईम  निर्देशक के पीछे खड़े थे और पंक्तियाँ स्पष्ट रूप से बोल रहे थे। उन्हें मौके पर ही इस भूमिका के लिए साइन कर लिया गया। मोहम्मद नईम  शादीशुदा थे और उनके 2 बेटे हैं।

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