साहबजादे इरफ़ान अली ख़ान  फिल्म व टेलीविजन के अभिनेता थे। उन्होने द वारियर, मकबूल, हासिल, द नेमसेक, रोग फिल्मों मे अपने अभिनय का लोहा मनवाया। हासिल फिल्म के लिये उन्हे 2004 का फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। वे हिन्दी सिनेमा की 30से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं। इरफान हॉलीवुड मे  जाना पहचाना नाम थे । वह ए माइटी हार्ट, स्लमडॉग मिलियनेयर, लाइफ ऑफ़ पाई और द अमेजिंग स्पाइडर मैन फिल्मों मे भी काम कर चुके हैं। 2011 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया।  60वे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2012 में इरफ़ान खान को फिल्म पान सिंह तोमर में अभिनय के लिए श्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार दिया गया।  2017 में प्रदर्शित हिंदी मीडियम फिल्म के लिए उन्हें फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया। 2020 में प्रदर्शित अंग्रेज़ी मीडियम उनकी प्रदर्शित अंतिम फ़िल्म रही।

इरफ़ान खान का जन्म  7  जनवरी 1967 में, सईदा बेगम खान और यासीन अली खान के घर पर हुआ था। उनके माता-पिता टोंक जिले के खजुरिया गाँव से थे और टायर का कारोबार चलाते थे। उनका परिवार टोंक के नवाब परिवार से ताल्लुक रखता था। उन्होंने अपना बचपन टोंक तथा जयपुर में बिताया। जयपुर में उन्होंने स्कूली शिक्षा प्राप्त की तथा कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इरफान और उनके सबसे अच्छे दोस्त सतीश शर्मा क्रिकेट में अच्छे थे तथा बाद में, उन्हें साथ में को सीके नायडू प्रतियोगिता के लिए 23 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों हेतु प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कदम रखने के लिए चुना गया था। दुर्भाग्य से, धन की अभाव के कारण वे प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए नहीं पहुँच सके। उन्होंने 1984 में नई दिल्ली में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) में अध्ययन करने के लिए छात्रवृत्ति अर्जित की और वहीँ से अभिनय में प्रशिक्षण प्राप्त किया।

23 फरवरी 1995 को, उन्होंने ने फिल्म लेखक और साथी एनएसडी स्नातक सुतापा सिकदर से शादी की। उनके दो बेटे हैं: बाबिल और अयान।  2012 में उन्होंने अपने नाम की अंग्रेजी वर्तनी “Irfan” में बीच में एक अतिरिक्त “R” (आर) डालकर “Irrfan” कर दिया क्योंकि उनके मुताबिक उन्हें अपने नाम में एक अतिरिक्त र स्वर की ध्वनि पसंद है। 2016 में, उन्होंने खान को उनके नाम से हटा दिया क्योंकि वह चाहते थे कि उनका काम उन्हें परिभाषित करे, न कि उनका वंश।

इरफ़ान खान का निधन 29  अप्रैल 2020 को मुम्बई की कोकीलाबेन अस्पताल में हुआ था, जहाँ वे बृहदान्त्र संक्रमण से भर्ती थे। 25   अप्रैल 2020 को    उनकी माता का जयपुर में निधन हुआ था  अंतिम दर्शन नहीं कर पाये थे। 2018 में उन्हें न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर  का पता चला था, जिसके बाद वे एक साल के लिए ब्रिटेन में इलाज हेतु रहे। एक वर्ष की राहत के बाद वे पुनः कोलोन संक्रमण की शिकायत से मुम्बई में भर्ती हुए। इस बीच उन्होंने अपनी फ़िल्म अंग्रेज़ी मीडियम की शूटिंग की, जो उनकी अंतिम फिल्म थी। उन्हें अंत:स्रावी कैंसर था, जोकि हॉर्मोन-उत्पादक कोशिकाओं का एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर है। एजेन्सी 

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