दुनिया का चक्कर लगाने वाली पहली महिला एविएटर जियाना येगर का जन्म 18 मई 1952 को हुआ था.  डिक रुटन के साथ रुटन वोयेज एयरक्राफ्ट में दुनिया का चक्कर लगाया, जो कहीं भी रुका नहीं था. वह दुनिया का चक्कर लगाने वाली पहली महिला थी. ऐसा करने में उन्हें 9 दिन, 3 मिनट और 44 सेकेंड लगे. यह यात्रा नॉन-स्टॉप थी. वह 116 घंटे तक उड़ी थीं. 14 दिसंबर, 1986 को उन्होंने उड़ान शुरू की थी. इन्होंने इन 9 दिनों में 40, 211 किलोमीटर की यात्रा की. यह दूरी बोइंग B-52 की ओर से 1962 में तय की गई दूरी से दोगुनी थी. इस वोयेजर की पंखों की लंबाई 110 फुट थी और कॉकपिट एक टेलीफोन जितना था.. येगर ने 19 साल की उम्र में एक पुलिस ऑफिसर से शादी की थी लेकिन पांच साल बाद उन दोनों का तलाक हो गया. 26 साल की उम्र में उन्हें प्राइवेट पायलट का लाइसेंस मिला. उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा लक्ष्य हेलिकॉप्टर उड़ाना था.अपनी उपलब्धियों के लिए उन्हें 1986 में अमेरिका के राष्ट्रपति रीगन ने प्रेजिडेंशियल सिटिजन्स मेडल दिया. यूएस नेशनल एरोनॉटिक्स एसोसिएशन की ओर से सालाना एविएशन के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने के लिए कॉलियर ट्रॉफी दी जाती है. येगर इस ट्रॉफी को हासिल करने वाली पहली महिला थीं. उनके सरनेम येगर का कोई संबंध प्रसिद्ध पायलट चुक येगर से नहीं था. चुक साउंड की गति से भी ज्यादा तेज गति से एयरक्राफ्ट उड़ाने वाले पहले पायलट थे.साभार फोटो सोशल मिडिया से

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