सुलोचना लाटकर (रंगू दीवान 30 जुलाई 1928 बेलगाम, बॉम्बे प्रेसीडेंसी , ब्रिटिश भारत) ने करियर की शुरुआत 1942 में की थी।  उनकी आखिरी फिल्म थी ‘परीक्षा’। उन्होंने 65 साल के करियर में ‘हिम्मतवाला’, ‘फुलवारी’, ‘राजतिलक’, ‘खून भरी मांग’, ‘गुलामी’, ‘प्रेम गीत’, ‘दोस्ताना’, ‘नागिन’, ‘रईस’, ‘कोरा कागज’ से लेकर ‘जीत’ फिल्मों में काम किया था।
सुलोचना लाटकर ने 14 साल की उम्र में शादी की थी। उनकी बेटी हैं जिनका नाम कंचन घाणेकर हैं। सुलोचना लाटकर के जमाई मराठी स्टेज के पहले सुपरस्टार थे जिनका नाम काशीनाथ घाणेकर है। काशीनातथ का 56 साल की उम्र में निधन हो गया था। उनकी भी बेटी है रश्मि घाणेकर।
सुलोचना लाटकर को 1999 में पद्मश्री पुरस्कार सम्मान से सम्मानित किया गया था। 2004 में फिल्मफेयर ने भी लाइफटाइम अर्चीवमेंट अवॉर्ड से उन्हें पुरस्कृत किया थाQ। महाराष्ट्र सरकार ने भी उन्हें भूषण अवॉर्ड से नवाजा था।
सुलोचना लाटकर का 4 जून 2023 को 94 साल की उम्र में निधन हो गया था। सांस संबंधी परेशानियों से जूझने के चलते उनकी की मौत हो गई। हिंदी से लेकर मराठी फिल्मों में करीब 65 साल उन्होंने काम किया था। उनकी आखिरी फिल्म  2007 में आई ‘परीक्षा’ थी। एजेन्सी

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